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US News: अमेरिका से अपनी दवाएं वापस मंगा रहीं ग्लेनमार्क, स्ट्राइड्स फार्मा और सिप्ला, ये है वजह
Mon, 22 Aug 2022 02:24 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 22 Aug 2022 02:24 AM IST
सार
यूएसएफडीए के मुताबिक, घरेलू दवा कंपनी सिप्ला अमेरिकी बाजार में डिफ्लुप्रेडनेट ऑप्थेल्मिक इमल्शन की 7,992 बोतलें वापस मंगा रही है। इसका इस्तेमाल आंखों की सर्जरी के बाद सूजन और दर्द के इलाज में किया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : iStock
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विस्तार
दवा कंपनियां ग्लेनमार्क, स्ट्राइड्स फार्मा और सिप्ला दवाओं के लिए सबसे बड़े बाजार अमेरिका से अपने उत्पाद वापस मंगा रही हैं। इसकी प्रमुख वजह विनिर्माण से जुड़े मुद्दे हैं। अमेरिकी खाद्य एवं दवा प्रशासन (यूएसएफडीए) की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजर्सी की ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स इंक पैकेजिंग की समस्या की वजह से ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) कम करने वाली दवा की 72,000 से अधिक इकाइयां वापस ले रही है।
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इन दवाओं को ग्लेनमार्क के पीथमपुर (मध्य प्रदेश) स्थित विनिर्माण केंद्र (सुविधा) बनाया गया था। इन दवाओं की पैकेजिंग में समस्या थी। यूएसएफडीए ने कहा, फार्मा कंपनी ने इस साल 29 जून को दवाएं वापस मंगाने की शुरुआत की।
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अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक ने एक अलग सूचना में कहा कि बंगलूरू की स्ट्राइड्स फार्मा साइंस की एक इकाई प्रेडनिसोन टैबलेट की 1,032 बोतलें वापस मंगा रही है। इस दवा का इस्तेमाल अस्थमा, एलर्जी, गठिया और अन्य बीमारियों के इलाज में किया जाता है।
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यूएसएफडीए के मुताबिक, घरेलू दवा कंपनी सिप्ला अमेरिकी बाजार में डिफ्लुप्रेडनेट ऑप्थेल्मिक इमल्शन की 7,992 बोतलें वापस मंगा रही है। इसका इस्तेमाल आंखों की सर्जरी के बाद सूजन और दर्द के इलाज में किया जाता है।
24.62 अरब डॉलर की दवाओं का निर्यात
भारत ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान कई देशों को 24.62 अरब डॉलर की दवाओं का निर्यात किया। जिन देशों को सबसे ज्यादा निर्यात किया गया, उनमें अमेरिका, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, रूस और नाइजीरिया शामिल हैं।