शादी छोड़ चुनाव लड़ने पहुंची युवती, कहा शादी तो होती रहेगी चुनाव नहीं होंगे
यूपी के चुनावी रण में छोटे बडे़ सभी उम्मीदवार पूरे दमखम से ताल ठोंक रहे हैं, लेकिन इनके बीच कुछ ऐसे भी हैं जिनके लिए चुनाव एक मकसद की तरह है और वो घरवालों की मर्जी के खिलाफ भी चुनाव में ताल ठोंकने के लिए तैयार हैं। ऐसी ही हैं फतेहपुर सीकरी से निर्दलीय ताल ठोक रहीं वंदना शर्मा।
एनडीटीवी की खबर के अनुसार 25 साल की वंदना शर्मा ने आगरा के एक कालेज से बीए तक की पढ़ाई की है। जनवरी की एक ठंडी सुबह वह घर से दस हजार रुपये लेकर चुपचाप अपना नामांकन कराने के लिए पहुंची। जहां उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर फतेहपुर सीकरी विधानसभा से ताल ठोक दी। उन्होंने अपनी कुल संपति के रूप में 32 हजार रुपये की घोषणा की है।
वंदना बताती हैं चुनाव लड़ने के लिए उन्हें काफी जद्दोजहद से गुजरना पड़ा। उनके घरवाले इसके पूरी तरह खिलाफ थे। खास बात ये है कि एक तरफ वंदना जहां चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं वहीं उनके घरवाले उनकी शादी की तैयारियों में जुटे हैं। घरवाले चाहते थे कि चुनाव लड़ने की बजाय वंदना शादी करके घर बसा लें, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। और घरवालों की मर्जी के खिलाफ चुनावी मैदान में कूद पड़ी।
जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर नंगला ब्राह्मण गांव की रहने वाली वंदना बताती हैं कि उसके गांव में जमीनी सुविधाएं भी नहीं हैं, यहां तक की आसपास कोई कॉलेज भी नहीं है।
लड़कियों को पढ़ने के लिए भी बाहर जाना पड़ता है। वंदना के अनुसार 21वी सदी में जीने के बावजूद आज भी लड़कियां शाम छह बजे के बाद घर से बाहर कदम नहीं रख पाती हैं।
चुनावों में वो खुद ही अपना प्रचार करने में जुटी हैं, एक स्कूटी पर सवार होकर वह गांवों में घर-घर जाकर लोगों से वोट मांगती हैं। सर पर हेलमेट लगाए और कसी हुई जैकेट पहने पहली नजर में एक शहरी कामकाजी युवती की तरह नजर आती हैं लेकिन उनका उद्देश्य उन सबसे अलग है। वो गांवों के लिए कुछ करना चाहती हैं।