फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gandhi, Ambedkar statues shifted within Parliament premises Cong slams BJP

INC: संसद भवन में गांधी-आंबेडकर की प्रतिमा का स्थान बदला, कांग्रेस बोली- दो राज्यों में हार का बदला ले रही BJP

Thu, 06 Jun 2024 05:26 PM IST
जलज मिश्रा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: जलज मिश्रा Updated Thu, 06 Jun 2024 05:26 PM IST
सार

कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्तियों को ससंद भवन के उनके प्रमुख स्थानों से हटा दिया गया है। यह अपमानजनक है।
 

विज्ञापन
Gandhi, Ambedkar statues shifted within Parliament premises Cong slams BJP
संसद भवन से हटाई गईं मूर्तियां। - फोटो : X/Jairam_Ramesh

विस्तार

कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। दरअसल, संसद भवन में भूनिर्माण कार्य के कारण महात्मा गांधी, बीआर आंबेडकर, छत्रपति शिवाजी महाराज सहित अन्य मूर्तियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। भूनिर्माण कार्य के कारण आदिवासी नेता बिरसा मुंडा और महाराणा प्रताप की मूर्तियों को भी हटाया गया है। सभी मूर्तियों को अब एक साथ पुराने संसद भवन और संसद पुस्तकालय के बीच एक लॉन में रखा गया है। कांग्रेस ने इस काम की आलोचना की है। 

विज्ञापन

यह अपमानजनक है: रमेश
कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने एक्स पर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्तियों को ससंद भवन के उनके प्रमुख स्थानों से हटा दिया गया है। यह अपमानजनक है।

विज्ञापन

खेड़ा- क्या 400 जीतने पर भाजपा संविधान को बख्श देते
भाजपा की आलोचना करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने कहा कि चूंकि महाराष्ट्र के मतदाताओं ने इस बार भाजपा को वोट नहीं दिया इसलिए संसद से शिवाजी महाराज और बाबा साहब की मूर्तियों को हटा दिया गया। गुजरात में भाजपा इस बार क्लीन स्वीप नहीं कर पाई इसलिए संसद से महात्मा गांधी की मूर्ति को हटा दिया गया। खेड़ा ने आगे कहा कि जरा सोचिए, एक बार अगर इन्हें इस बार 400 सीटें मिल गईं होती तो क्या यह (भाजपा) संविधान को बख्श देते।


1993 में किया गया था परिसर में महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण
नए संसद भवन के निर्माण कार्य के दौरान जनवरी 2021 में भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति का स्थान बदला गया था। महात्मा गांधी की मूर्ति का अनावरण अक्तूबर 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने किया था। उस वक्त इस 16 फीट ऊंची मूर्ति को गेट नंबर एक के पास ही स्थापित किया गया था। संसद परिसर में यह जगह इसलिए भी खास रही है, क्योंकि विपक्षी सांसद यहीं पर आकर विरोध प्रदर्शन करते थे। पहली बार संसद भवन में प्रवेश करने वाले सांसद, गांधी की मूर्ति पर अवश्य पहुंचते थे। आगुंतकों के लिए भी यह मूर्ति विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रहती थी।



तीन साल पहले नए संसद भवन के निर्माण कार्य के दौरान इस मूर्ति का स्थान बदला गया था। उस वक्त कहा गया था कि अभी महात्मा गांधी के स्टैचू को अस्थाई तौर पर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। जब निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो उसे पहले वाली जगह पर स्थापित कर दिया जाएगा।

लोकसभा सचिवालय ने दिया बयान
मामले में गुरुवार शाम लोकसभा सचिवालय ने एक बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि नए संसद भवन के निर्माण के बाद संसद परिसर के भू-दृश्यांकन और सौंदर्यीकरण के लिए योजना बनाई गई है। परिसर में देश के महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। परिसर में अलग-अलग स्थानों पर स्थित होने के कारण आगंतुक इन प्रतिमाओं को देख नहीं पा रहे थे इसलिए सभी प्रतिमाओं को सम्मानपूर्वक परिसर के एक भव्य प्रेरणा स्थल में स्थापित किया जा रहा है। प्रेरणा स्थल को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि संसद परिसर घूमने आने वाले आगंतुक आसानी से प्रतिमाओं को देख सकें और उनके जीवन और दर्शन से प्रेरणा ले सकें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed