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G20 Meet in Gandhinagar: जलवायु परिवर्तन पर हुई चर्चा, तेजी से गिरते भूजल स्तर पर सदस्य देशों ने जताई चिंता
Wed, 29 Mar 2023 01:11 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 29 Mar 2023 01:11 AM IST
सार
जी-20 कार्यसमूह के सदस्य देशों की बैठक के दौरान सहयोग की जरूरत और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समावेशी और सर्वसम्मत दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया।
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जी-20
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत की जी-20 अध्यक्षता के तहत पर्यावरण और जलवायु स्थिरता कार्य समूह (ईसीएसडब्ल्यूजी) की बैठक के दूसरे दिन मंगलवार को शामिल सदस्यों ने गिरते भूजल स्तर पर अपनी चिंता व्यक्त की। साथ ही कहा, भूजल स्तर में खतरनाक गिरावट आ रही है। ऐसे में प्रभावी जल संसाधन प्रबंधन (डब्ल्यूआरएम) की आवश्यकता है।
जी-20 कार्यसमूह के सदस्य देशों की बैठक के दौरान सहयोग की जरूरत और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समावेशी और सर्वसम्मत दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। कार्य समूह ने महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता का आह्वान किया। नमामि गंगे, बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी), जल जीवन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी केंद्र की परियोजनाओं पर विषयगत प्रस्तुतियां भी दी गईं।
प्रतिभागियों ने डब्ल्यूआरएम के कार्यान्वयन में जल और भूजल की एक आम समझ और सतत विकास के सिद्धांतों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। सदस्यों ने कहा कि जल पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और मूल्यांकन में हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हैं, और डब्ल्यूआरएम में रणनीतियों के विनियमन और कार्यान्वयन के लिए मजबूत कानूनी और नीतिगत उपकरण आवश्यक हैं। डब्ल्यूआरएम पर एक सत्र के दौरान, देबाश्री मुखर्जी, विशेष सचिव, जल संसाधन मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय ने व्यापक संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
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इंडोनेशिया करेगा विश्व जल मंच की मेजबानी
इंडोनेशिया 2024 में विश्व जल मंच की मेजबानी करेगा और इस कार्यक्रम में जल सहयोग के लिए इसके महत्व पर इंडोनेशिया ने प्रकाश डाला गया। पर्यावरण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव ऋचा शर्मा ने ब्राजील प्रेसीडेंसी को बैटन सौंपने से पहले एक मजबूत नींव बनाने के लिए ठोस परिणामों की सुविधा के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
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जी-20 कार्यसमूह के सदस्य देशों की बैठक के दौरान सहयोग की जरूरत और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए समावेशी और सर्वसम्मत दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। कार्य समूह ने महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देने की आवश्यकता का आह्वान किया। नमामि गंगे, बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी), जल जीवन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी केंद्र की परियोजनाओं पर विषयगत प्रस्तुतियां भी दी गईं।
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प्रतिभागियों ने डब्ल्यूआरएम के कार्यान्वयन में जल और भूजल की एक आम समझ और सतत विकास के सिद्धांतों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। सदस्यों ने कहा कि जल पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी और मूल्यांकन में हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हैं, और डब्ल्यूआरएम में रणनीतियों के विनियमन और कार्यान्वयन के लिए मजबूत कानूनी और नीतिगत उपकरण आवश्यक हैं। डब्ल्यूआरएम पर एक सत्र के दौरान, देबाश्री मुखर्जी, विशेष सचिव, जल संसाधन मंत्रालय, जल शक्ति मंत्रालय ने व्यापक संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
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इंडोनेशिया करेगा विश्व जल मंच की मेजबानी
इंडोनेशिया 2024 में विश्व जल मंच की मेजबानी करेगा और इस कार्यक्रम में जल सहयोग के लिए इसके महत्व पर इंडोनेशिया ने प्रकाश डाला गया। पर्यावरण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव ऋचा शर्मा ने ब्राजील प्रेसीडेंसी को बैटन सौंपने से पहले एक मजबूत नींव बनाने के लिए ठोस परिणामों की सुविधा के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।