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Vande Mataram: अब सिर्फ दो छंद नहीं, आकाशवाणी पर होगा 'वंदे मातरम' के पूर्ण संस्करण का प्रसारण
Wed, 25 Mar 2026 05:27 PM IST
Rahul Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rahul Kumar
Updated Wed, 25 Mar 2026 05:27 PM IST
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Vande Mataram
- फोटो : Adobe stock
भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन संचालित आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) की सुबह की शुरुआत अब थोड़ी अलग होगी। आकाशवाणी अब सुबह की अपनी ब्रॉडकास्ट में 'वंदे मातरम' के दो छंदों के बजाय पूर्ण संस्करण प्रसारित करेगा।
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स्वतंत्रता के बाद से ही आकाशवाणी स्टेशनों की यह परंपरा रही है कि वे अपने सुबह के प्रसारण की शुरुआत अपनी प्रतिष्ठित धुन से करते हैं, जिसके बाद राष्ट्रगान 'वंदे मातरम' के दो छंदों वाला संस्करण (अवधि 65 सेकंड) प्रसारित किया जाता है। लेकिन, 26 मार्च से यह परंपरा थोड़ी अलग रहेगी। आकाशवाणी के सभी स्टेशनों में इन दिन से नए संस्करण का प्रसारण शुरू हो जाएगा।
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गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 28 जनवरी, 2026 को जारी छह छंदों वाले राष्ट्रीय गीत संबंधी दिशानिर्देश के मद्देनजर आकाशवाणी के सभी स्टेशनों पर 26 मार्च, 2026 से राष्ट्रीय गीत का नया संस्करण प्रसारित किया जाएगा। नए संस्करण की अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है।
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प्रसारित होने वाला प्रारंभिक संस्करण प्रसिद्ध हिंदी शास्त्रीय गायक पंडित चंद्रशेखर वाजे द्वारा राग देश में गाया गया है। उनके स्वर में गीत का हर शब्द, हर भाव देशभक्ति और मातृभूमि के प्रति प्यार से भरपूर है। अब तक जो लोग सिर्फ छोटे संस्करण से परिचित थे, उनके लिए यह पूरा गीत सुनना एक नया अनुभव होगा।
इतना ही नहीं, राष्ट्रीय गीत के विभिन्न क्षेत्रीय संस्करण भी रिकॉर्ड किए जाएंगे। इसमें स्थानीय संगीत वाद्ययंत्रों और शास्त्रीय सुरों का समावेश होगा, ताकि हर राज्य के लोग अपने संगीत और भाषा के अंदाज में इस गीत का आनंद ले सकें। इस तरह भारत की सांगीतिक विविधता और स्थानीय परंपराओं को भी सम्मान मिलेगा।
इसका मतलब है कि आकाशवाणी सुनने वाले हर श्रोता को गुरुवार से सुबह के प्रसारण की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का पूर्ण संस्करण सुनने को मिलेगा। अब सिर्फ हिंदी या किसी एक शैली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय संगीत और स्थानीय सुरों में भी 'वंदे मातरम' गीत का प्रसारण किया जाएगा।
इनपुट: आईएएनएस