अब FTII में शालीनता के एफिडेविट पर दाखिला, गजेंद्र चौहान विवाद के बाद नया नियम
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'दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है', यह कहावत अब पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पर सटीक बैठ रही है। गजेंद्र चौहान विवाद के बाद संस्थान इस बार पहले से ही छात्रों से शालीनता का एफीडेविट साइन करवा रहा है।
गत वर्ष संस्थान में हुई झड़पों और विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए संस्थान प्रबंधन ने यह नया नियम लाया है। इस बार संस्थान में नए छात्र 'डेकोरम एंड डीसेंसी ऑन द कैंपस' एफीडेविट पर हस्ताक्षर करने के बाद शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने के लिए बाध्य माने जाएंगे।
वरिष्ठ छात्रों की मानें तो ऐसा पहली बार है जब छात्रों से इस तरह का एफीडेविट मांगा जा रहा है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक इस नए नियम पर प्रतिक्रिया देने के लिए एफटीआईआई के चेयरमैन गजेंद्र चौहान और डायरेक्टर भूपेंद्र कैंथोला दोनों उपलब्ध नहीं रहे।
छात्रों से जबरन सम्मान पाने का नियम!
छात्रों के आचार-व्यवहार संबंधी एफीडेविट समेत पांच एफिडेविट शामिल करने हैं। एफीडेविट पर सौ रुपए का स्टांप लगाना है। इसमें लिखा है कि मैं कैंपस, हॉस्टल और आवासीय परिसर समेत संस्थान की हर जगह पर मर्यादा और शालीनता को बरकरार रखूंगा। मैं ऐसी कोई भी परिस्थिति नहीं बनाउंगा जिससे कि फैकल्टी, स्टाफ मेंबर्स और बड़ों का असम्मान होता हो।
पिछले हफ्ते ही संस्थान में दाखिले के लिए की गई प्रवेश परीक्षा के परिणाम आने के बाद से अब दाखिलों की प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि एफटीआईआई के चेयरमैन के पद पर टीवी कलाकार गजेंद्र चौहान की नियुक्ति को लेकर संस्थान के अंदर और बाहर भारी हंगामा मचा था।
पुणे ही नहीं देश भर में गजेंद्र की नियुक्ति पर सरकार की आलोचना हुई थी। प्रदर्शनकारियों का मानना था कि कम योग्य उम्मीदवार को सरकार ने संस्थान की बागडोर सौंप दी है। इस फैसले पर सियासी हलकों में भी खूब हो हंगामा हुआ और छात्र कई दिनों तक प्रदर्शन करते रहे थे।