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लोकसभा में सबसे आगे बैठेंगे ये सांसद, इस बार नहीं दिखाई देंगे ये पांच पुराने दिग्गज

Fri, 31 May 2019 02:51 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 31 May 2019 02:51 PM IST
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front row of Lok Sabha is set for biggest reshuffle, 5 frontbenchers gone and these might acquire it
मोदी के साथ गुरुवार को 57 मंत्रियों ने शपथ ली - फोटो : PTI

लोकसभा की पहली पंक्ति में इस बार काफी बदलाव देखने को मिलेंगे। पांच लोकसभा सांसद जो पहली पंक्ति में बैठा करते थे इस बार वह नजर नहीं आएंगे क्योंकि उन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा है या फिर उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। वहीं पहली पंक्ति में एनडीए की सीटें औसत रूप से बढ़ी हैं। पहली पंक्ति की सीटें लोकसभा स्पीकर के नजदीक होती हैं। कांग्रेस का कोटा दूसरे नंबर पर है क्योंकि उसे केवल 52 सीटों पर जीत हासिल हुई है। यह संख्या पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले केवल आठ ज्यादा है। पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने केवल 44 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

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पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुल खड़गे और भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी उन नेताओं में से एक हैं जो 17वीं लोकसभा के दौरान पहली पंक्ति पर बैठे हुए नहीं दिखाई देंगे। इसके अलावा एआईएडीएमके के नेता एम थंबीदुराई भी पहली पंक्ति से नदारद रहेंगे।
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देवगौड़ा और थंबीदुराई जहां चुनाव में हार गए हैं। वहीं सुषमा स्वराज ने चुनाव नहीं लड़ा। गांधीनगर से सात बार चुने गए सांसद लाल कृष्ण आडवाणी को भाजपा ने लोकसभा टिकट नहीं दिया। लोकसभा के एक अधिकारी ने कहा, 'पहली पंक्ति की सीटें अमूमन वरिष्ठ सांसदों और विभिन्न पार्टियों के नेता प्रतिपक्ष को आवंटित की जाती हैं। यदि वह दोबारा चुने जाते हैं तो शिष्टाचार के नाते पूर्व प्रधानमंत्रियों को पहली पंक्ति की सीट दी जाती है। इसके अलावा पहली पंक्ति का कोटा पार्टी की मजबूती पर निर्भर करता है।'


इसके अलावा लोकसभा में इस बार दो और बदलाव दिखाई देंगे। इसकी वजह है बीजू जनता दल (बीजद) के नेता भातृहरि महताब और तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय को भी अपनी पसंदीदा सीट से हाथ धोना पड़ सकता है। दरअसल, 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बीजद को 34 और तृणमूल के 20 सांसद चुने गए थे। वहीं इस बार दोनों की संख्या घटकर 22 और 10 रह गई है। जिसके कारण उनका कोटा 0.8 और 0.4 सीट हो गया है।

भाजपा के लोकसभा में 303 सांसद हैं। उसे दो अतिरिक्त सीटे मिलेंगी। अब पहली पंक्ति में उसका कोटा बढ़कर 12 सीट का हो जाएगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है। उन्हें पहली पंक्ति की सीट मिलेगी। उम्मीद है कि राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सदानंद गौड़ा को भी पहली पंक्ति में स्थान मिल सकता है।
 

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