राहुल की नागरिकता पर चार प्रत्याशियों ने की आपत्ति, कल अंतिम फैसला
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नागरिकता के सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को नामांकन पत्र की जांच के दौरान चार प्रत्याशियों ने उनकी नागरिकता, डिग्री समेत कुछ अन्य तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाते हुए नामांकन पत्र खारिज करने की मांग की। सुबूत के तौर पर एक कंपनी के दस्तावेज सौंपे गए हैं। राहुल के अधिवक्ता की ओर से आरोपों के जवाब के लिए दो दिन का मौका मांगने पर आरओ ने 22 अप्रैल की तिथि तय की है। उधर, भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल और कांग्रेस से जवाब मांगा है।
शुक्रवार को ही इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को राहुल की नागरिकता के मामले पर जल्द फैसला लेने को कहा था। शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान बहुजन मुक्ति पार्टी के अफजाल वारिस व निर्दलीय ध्रुवलाल, सुरेश कुमार शुक्ल व सुरेश चंद्र यादव ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने आपत्ति दर्ज कराते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग उठाई है।
एक कंपनी के रिटर्न में राहुल गांधी को ब्रिटिश नागरिक लिखे होने के साथ ही, उनकी एमफिल की डिग्री व उसमें दर्ज नाम में अंतर, एमफिल की डिग्री से पहले की शैक्षिक योग्यता के कॉलम में संस्थान का नाम नहीं डालने, शपथ पत्र में लगे स्टांप को दिल्ली से खरीदने व चल संपत्ति के कॉलम को रिक्त रखने के साथ ही नामांकन पत्र में ब्रिटेन की उनकी कंपनी की प्रॉपर्टी शो नहीं करने का आरोप लगाया गया है।
शैक्षणिक योग्यता पर उठा यह सवाल
जीवीएल नरसिम्हा राव ने राहुल की योग्यता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने 1989 में 12वीं की और 1995 में एमफिल की डिग्री ली। 2009 केशपथपत्र में कहा है कि 1994 में रोलिंस कॉलेज ऑफ फ्लोरिडा से ग्रेजुएशन किया और 1995 में ट्रिनिट कॉलेज से डिवेलपमेंट इकनॉमिक्स में एमफिल की डिग्री ली। 2014 के चुनाव में बताया कि उन्होंने डिवेलपमेंट स्टडीज में एमफिल की है। राव ने कहा कि क्या उन्हें याद नहीं कि उन्होंने कौन सी डिग्री ली है।