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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एआर लक्ष्मणन का निधन
Fri, 28 Aug 2020 05:05 AM IST
Kuldeep Singh
new delhi
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Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 28 Aug 2020 05:05 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एवं भारतीय विधि आयोग के पूर्व चेयरमैन जस्टिस एआर लक्ष्मणन का दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में निधन हो गया। वह 78 साल के थे। जस्टिस लक्ष्मणन के बेटे एवं वरिष्ठ वकील एआरएल सुरंदरेसन ने कहा, बुधवार को सुबह 11 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें कैराईकुडी के एक अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी हालत स्थिर की गयी और फिर उन्हें तिरुचिरपल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका निधन हो गया।
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुल्लापेरियार बांध पर नियुक्त अधिकार प्राप्त समिति में वह तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्य थे। जस्टिस लक्ष्मणन अरुणाचलम के निधन से दो दिन पहले ही उनकी पत्नी मीनाक्षी आची का 24 अगस्त को निधन हो गया था। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के देवाकोट्टई के रहने वाले जस्टिस लक्ष्मणन का जन्म 22 मार्च, 1942 में हुआ था और वह मद्रास लॉ कॉलेज से स्नातक थे।
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14 जून, 1990 को उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 1997 में उनका केरल हाईकोर्ट में तबादला हो गया था और यहां उन्होंने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश और राजस्थान हाईकोर्ट और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के तौर पर भी सेवा दी। उन्हें 20 दिसंबर, 2002 को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया और वह 22 मार्च, 2007 को सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद वह विधि आयोग (18वें विधि आयोग) के प्रमुख रहे ।
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सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाने वाली पीठ के वह सदस्य थे। इसके अलावा उन्होंने सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने को मंजूरी देने के साथ ही हाथी दान देने पर उसके रखरखाव के लिए धनराशि देने का भी आदेश दिया था ।