'सेना का काम सेना पर छोड़ दें, पाक को आर्थिक चोट देकर हराएं'
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भारतीय सेना को अपने हिसाब से पाकिस्तान को उड़ी हमले का जवाब देने दें। इससे पहले जरूरी यह है कि कूटनीति स्तर पर पाकिस्तान को कूटा जाए। भारत को आक्रामक कूटनीति अपनानी होगी। आतंकी हमले को सपोर्ट करने वाले पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर नंगा कर दबाव बनाना होगा। जरूरत आर्थिक स्तर पर भी चोट देने की है। पाक को व्यापारिक नुकसान पहुंचाया जाए। यह आम राय आर्मी के तीन रिटायर डायरेक्टर जनरल की है। इन्होंने अमर उजाला से बात की।
पूर्व डीजी ऑपरेशन लॉजिस्टिक लेफ्टिनेंट जनरल राकेश चंद्र चड्डा (रिटायर) का कहना है जब भी आतंकवादी हमले में कोई जवान या सिविलियन घायल या हताहत होता है तो बहुत दुख होता है। हमने तो उड़ी हमले में अपने 18 जवान खोए हैं। उड़ी का बेस कैंप एलओसी के ऊपर है। तीनों ओर एलओसी है। पांच से सात किमी दूरी पर पाकिस्तान है, जो आतंकवादी हमला करने आए थे, उन्हें पाक बेस से सपोर्ट मिल रहा था। तभी वह ऐसा हमला करने में कामयाब हुए। जीपीएस मिलना, हथियार और गाइडेंस बता रही है कि सीमा पार से उन्हें पल-पल गाइड किया जा रहा था। घुसपैठ को सौ फीसदी नहीं रोका जा सकता है। भौगोलिक वजह से भी कभी कमी रह जाती है। इसलिए सर्च ऑपरेशन चलते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल राकेश चड्डा का कहना है कूटनीति के स्तर पर पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया जाए। व्यापारिक नुकसान पहुंचाया जाए। हमले का जवाब सेना पर छोड़ दें। इसका जवाब कब, कैसे और कितनी तादाद में देना है यह सेना के कमांडरों पर छोड़ दें। आतंकवाद को सपोर्ट करने वालों को नुकसान पहुंचाना जरूरी है।
'भारत हर मामले में पाक पर भारी'
पूर्व डीजी इंफोरमेशन सिस्टम लेफ्टिनेंट जनरल सुनित कुमार (रिटायर) का कहना है फिदाइन हमलों को नहीं रोका जा सकता। जब किसी ने मरने की ठान ली है तो वह कुछ न कुछ नुकसान तो पहुंचाकर ही रहेगा। हमले में पाक आर्मी का सपोर्ट रहा है। सीमा पर तैनात भारत-पाकिस्तान फौजों का आंकलन किया जाए तो अनुपात में ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए जवाबी कार्रवाई एकदम सीधे नहीं की जा सकती। पाक भी ऐसा नहीं कर सकता। म्यांमार और भूटान की सीमा में आतंकवादियों को भारतीय सेना ने घुसकर मारा है, लेकिन वहां कहीं न कही दूसरे देश का सपोर्ट रहता है।
आर्मी इंटेलीजेंस के पूर्व डीजी लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह (रिटायर) का कहना है सबसे पहले हमें पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक संबंध खत्म कर देने चाहिए। सभी लेवल की बातचीत बंद कर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी देश घोषित करने की कोशिश करनी चाहिए। दोनों देशों के पास परमाणु हथियार हैं, इसलिए आमने-सामने की लड़ाई नहीं हो सकती। पाक की इस कार्रवाई का जवाब उसी की भाषा में देना चाहिए। पाक बार-बार हमारी सीमा में आकर सुरक्षा हितों को चुनौती दे रहा है। सेना को अपने हिसाब से कार्रवाई करने की इजाजत दी जानी चाहिए।