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सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश अब यूनिटेक मामले में फोरेंसिक ऑडिट

Sat, 08 Dec 2018 12:17 AM IST
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, नई दिल्ली Updated Sat, 08 Dec 2018 12:17 AM IST
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Forensic audit in Unitech case on Instruction of Supreme Court
इसी सोसायटी में फ्लैट से गिरे रिटायर्ड रेलवे अधिकारी विजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के बाद अब यूनिटेक मामले में फोरेंसिक ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। शीर्ष अदालत ने फोरेंसिक ऑडिटर को यूनिटेक की सभी 74 कंपनियों व उनकी सहायक कंपनियों के खातों की जांच करने के लिए कहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर यूनिटेक के प्रमोटरों को जमानत पर रिहा करने से इनकार कर दिया है।  
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न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ ने ऑडिटर को एक जनवरी 2006 से लेकर अब तक ऑडिट करने के लिए कहा है। पीठ ने ऑडिडर को यह छूट दी है कि वह यूनिटेक के निदेशकों व उनकेपरिजनों का पैन डिटेल्स ले सकते हैं। पीठ ने 13 दिसंबर तक ऑडिट की रूपरेखा बताने के लिए कहा है। साथ ही यह बताने के लिए कहा गया कि कितने समय में ऑडिट को पूरा किया जा सकता है। अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। 
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सीए को गवाह बनाने केखिलाफ दायर याचिका खारिज 

Forensic audit in Unitech case on Instruction of Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट
वहीं पीठ ने शुक्रवार को फिर से यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा और उनकेभाई अजय चंद्रा को किसी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि जब तक फोरेंसिक ऑडिट पूरा नहीं हो जाता तब तक चंद्रा को जमानत नहीं दी जा सकती।  

सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा प्राधिकरण में करीब 900 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपी पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट मोहन राठी को सीबीआई द्वारा सरकारी गवाह बनाने का विरोध किया था। इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी यादव सिंह को कोई राहत नहीं मिली थी।  

न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली यादव सिंह की याचिका को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के फैसले में दखल देने का कोई कारण नहीं बनता। 
 
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