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Myanmar: म्यांमार यात्रा के दौरान विदेश सचिव ने उठाया मानव तस्करी का मुद्दा, जानें और किन विषयों पर हुई चर्चा
Tue, 22 Nov 2022 05:06 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 22 Nov 2022 05:06 PM IST
सार
हाल ही में कई भारतीय नागरिकों के म्यांमार में अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के शिकार होने का मामला सामने आया था। कथित तौर पर, अड़तीस भारतीय नागरिकों को म्यांमार में नौकरी की पेशकश से धोखा दिया गया था बाद में उन्हें म्यावाडी क्षेत्र में कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया था।
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विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने अपनी दो दिवसीय म्यांमार यात्रा के दौरान वहां के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीमा प्रबंधन और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों के साथ ही म्यावाडी क्षेत्र में स्थित अंतरराष्ट्रीय अपराधिक सिंडिकेट द्वारा भारतीयों की मानव तस्करी का मुद्दा भी उठाया। विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। मंत्रालय ने बताया कि इस दौरान मानव तस्करी के अलावा द्विपक्षीय विकास सहयोग परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
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हाल ही में भारतीय नागरिक हुए थे अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के शिकार
दरअसल, हाल ही में कई भारतीय नागरिकों के म्यांमार में अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के शिकार होने का मामला सामने आया था। कथित तौर पर, अड़तीस भारतीय नागरिकों को म्यांमार में नौकरी की पेशकश से धोखा दिया गया था बाद में उन्हें म्यावाडी क्षेत्र में कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया गया था। बड़ी मुश्किलों के बाद उन्हें नवंबर की शुरुआत में भारत वापस लाया गया था।
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इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा
विदेश सचिव ने अपनी यात्रा के दौरान भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्रों सहित जन-केंद्रित सामाजिक-आर्थिक विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भारत के निरंतर समर्थन को व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने मल्टीमॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी चल रही कनेक्टिविटी पहलों के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए भारत की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। इसके अलावा विदेश सचिव क्वात्रा ने म्यांमार के लोगों के लाभ के लिए रखाइन राज्य विकास कार्यक्रम और सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत परियोजनाओं को जारी रखने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
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सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ सकता है प्रभाव
गौरतलब है कि क्वात्रा की यात्रा जातीय सशस्त्र संगठनों और म्यांमार की सेना के बीच बढ़ती हिंसा के बीच हुई है, जिसका भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में सीमावर्ती क्षेत्रों पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि पिछले साल फरवरी में सैन्य तख्तापलट के बाद क्वात्रा की यात्रा भारतीय विदेश सचिव की दूसरी ऐसी यात्रा थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि विदेश सचिव ने 20 और 21 नवंबर को म्यांमार की कामकाजी यात्रा की। बागची ने ट्विटर पर कहा, सीमा प्रबंधन, सुरक्षा और चल रही द्विपक्षीय सहयोग परियोजनाओं और म्यांमार में लोकतांत्रिक परिवर्तन के लिए भारत के समर्थन से संबंधित महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की।
भारत म्यांमार के साथ 1,643 किलोमीटर की सीमा साझा करता है जो अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यांमार-चीन ट्राइजंक्शन से लेकर मिजोरम में भारत-म्यांमार-बांग्लादेश ट्राइजंक्शन तक फैली हुई है। पिछले साल फरवरी में एक तख्तापलट के बाद सैन्य शासकों ने म्यांमार में सत्ता पर कब्जा कर लिया, जिससे सीमित लोकतंत्र का प्रयोग पटरी से उतर गया।