{"_id":"5d7d46cd8ebc3e0144720d07","slug":"foreign-secretary-vijay-gokhale-visiting-iran-for-16th-foreign-office-consultations","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिवसीय दौरे पर ईरान पहुंचे विदेश सचिव गोखले, कच्चे तेल पर करेंगे चर्चा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दो दिवसीय दौरे पर ईरान पहुंचे विदेश सचिव गोखले, कच्चे तेल पर करेंगे चर्चा
Sun, 15 Sep 2019 01:30 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 15 Sep 2019 01:30 AM IST
विज्ञापन
Vijay Gokhale
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश सचिव विजय गोखले दो दिन के दौरे पर ईरान पहुंच गए हैं। वह 15 और 16 सितंबर को वहां अपने ईरानी समकक्ष उपविदेश मंत्री सईद अब्बास अरागची के साथ 16वीं विदेश कार्यालय परामर्श वार्ता में हिस्सा लेंगे। वार्ता में अहम द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन इसके केंद्र में दोनों देशों के बीच का ऊर्जा समझौता यानी कच्चे तेल का आयात ही रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शनिवार को बताया कि गोखले की अपने दौरे के दौरान ईरानी विदेश मंत्री जवाद जरीफ से भी मिलने की संभावना है। गोखले की अरागची के साथ वार्ता के दौरान 2015 में ईरान के साथ अन्य देशों के परमाणु समझौते यानी ज्वाइंट कांप्रेहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीए) और पिछले साल अमेरिका के जेसीपीए से अलग होने पर भी चर्चा होगी, जो अमेरिका की तरफ से ईरान पर लगाए प्रतिबंधों का मूल कारण है।
विज्ञापन
बता दें कि, मई में ईरान से तेल खरीदने पर लगे प्रतिबंधों के लिए अमेरिका से मिली छह महीने की छूट खत्म होने पर भारत ने कहा था कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के तहत ईरान से रिश्तों को तीन तथ्यों के आधार पर तय करेगा। इन तीन तथ्यों में देश की ऊर्जा सुरक्षा, वाणिज्यिक और आर्थिक हित शामिल हैं।
विज्ञापन
नवंबर, 2018 में अमेरिका ने भारत, चीन, ग्रीस, इटली, ताइवान, जापान, तुर्की और दक्षिण कोरिया को ईरान से तेल आयात करने के लिए छह महीने की छूट दी थी। यह छूट दो मई को खत्म हो गई थी। इसके बाद से भारत ने ईरान से न के बराबर ही तेल आयात किया है, जबकि भारत को तेल सप्लाई करने वाले देशों में ईरान तीसरे नंबर पर है।