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जाधव मामले में भारत के पास दो प्लान, ICJ का विकल्प था 'शॉर्टकट'
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Fri, 19 May 2017 09:54 AM IST
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Harish Salve
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अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में भारत ने कुलभूषण जाधव मामले में बड़ी जीत दर्ज की है। कोर्ट ने अपने फैसले में किसी भी अंतिम निर्णय से पहले जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। पूर्व सोलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने कहा 46 वर्षीय जाधव को न्याय दिलाने के लिए भारत के पास दो प्लान थे। पहले प्लान के अनुसार भारत सीधे तौर पर 'न्यायशास्त्र' का आधार पर जाधव की रिहाई का मांग कर सकता था। दूसरा रास्ता काफी लंबा था, पाकिस्तान कोर्ट से होकर गुजरता है।
एक निजी चैनल से बात करते हुए साल्वे ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कोर्ट उनकी बेगुनाही साबित करने की अदालत नहीं। यह वह मंच है जहां यह साबित किया जाए कि जाधव को सजा-ए-मौत देने के लिए पाकिस्तान द्वारा इख्तियार किया गया रुख विएना संधि का उल्लंघन है।" गौरतलब है कि साल्वे देश के प्रमुख वकीलों में से एक हैं, जिन्होंने न सिर्फ इस केस में भारत की ओर से पैरवी की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लंबी चौड़ी प्रसेंटेशन भी रखी।
भारत की दलील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई। साथ ही कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान को जाधव का कॉन्सुलर एक्सेस देगा होगा क्योंकि अभी तक पाक ने यह साबित नहीं किया का जाधव एक जासूस था। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विएना संधि के अनुसार आतंकवाद और जासूसी के मामलों में भी कॉन्सुलर एक्सिस दिया जाना चाहिए।
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एक निजी चैनल से बात करते हुए साल्वे ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय कोर्ट उनकी बेगुनाही साबित करने की अदालत नहीं। यह वह मंच है जहां यह साबित किया जाए कि जाधव को सजा-ए-मौत देने के लिए पाकिस्तान द्वारा इख्तियार किया गया रुख विएना संधि का उल्लंघन है।" गौरतलब है कि साल्वे देश के प्रमुख वकीलों में से एक हैं, जिन्होंने न सिर्फ इस केस में भारत की ओर से पैरवी की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लंबी चौड़ी प्रसेंटेशन भी रखी।
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भारत की दलील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगाई। साथ ही कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान को जाधव का कॉन्सुलर एक्सेस देगा होगा क्योंकि अभी तक पाक ने यह साबित नहीं किया का जाधव एक जासूस था। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विएना संधि के अनुसार आतंकवाद और जासूसी के मामलों में भी कॉन्सुलर एक्सिस दिया जाना चाहिए।
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मामले में आगे क्या है भारत के पास विकल्प
कुलभूषण जाधव (फाइल फोटो)
भविष्य की रणनीति के बारे में बात करते हुए हरीश साल्वे ने कहा कि पहला प्लान 'मानवाधिकारों का गंभीर हनन है, जो व्यक्ति आजादी को मुमकिन करते हैं।' इस तरह का विकल्प ही उनके जैसे वकील को पसंद आता है। साल्वे ने कहा कि जाधव आजादी के हकदार है, क्योंकि वो पाकिस्तान में काफी-कुछ बर्दाश्त कर चुके हैं।
साथ ही उन्होंने कहा, "दूसरे विकल्प के अनुसार उनकी सजा को रद्द किया जाना जाए। इसके बाद कोर्ट में सही तरीके ट्रायल हो और यह मुकदमा सभ्य समाज के कायदों के अनुसार ही चलाया जाना चाहिए। मुझे खुशी है कि कोर्ट ने हमारी ज्यादातर दलीलों को स्वीकार किया है।"
वहीं दूसरी तरफ, भारत भले ही इसे बड़ी जीत मान रहा हो, मगर पाकिस्तान ने कहा है कि वो जाधव मामले में उसका रूख किसी भी तरह नहीं बदला है। पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल अशतर औसफ अली ने कहा कि जाधव मामले की पाक में ठीक तरह से सुनवाई की गई है। इस फैसले के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व मे भारत सरकार जाधव को बचाने का हर संभव प्रयास करेगी।
साथ ही उन्होंने कहा, "दूसरे विकल्प के अनुसार उनकी सजा को रद्द किया जाना जाए। इसके बाद कोर्ट में सही तरीके ट्रायल हो और यह मुकदमा सभ्य समाज के कायदों के अनुसार ही चलाया जाना चाहिए। मुझे खुशी है कि कोर्ट ने हमारी ज्यादातर दलीलों को स्वीकार किया है।"
वहीं दूसरी तरफ, भारत भले ही इसे बड़ी जीत मान रहा हो, मगर पाकिस्तान ने कहा है कि वो जाधव मामले में उसका रूख किसी भी तरह नहीं बदला है। पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल अशतर औसफ अली ने कहा कि जाधव मामले की पाक में ठीक तरह से सुनवाई की गई है। इस फैसले के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व मे भारत सरकार जाधव को बचाने का हर संभव प्रयास करेगी।