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वो 5 कहानियां जिसके नायक योगी, यकीनन सुनी न होंगी

Thu, 23 Mar 2017 11:53 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Thu, 23 Mar 2017 11:53 AM IST
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Five interesting story of UP CM Yogi adityanath
- फोटो : Self

इस समय देश में जिस व्यक्ति की सबसे ज्यादा चर्चा है वो हैं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। सीएम की शपथ लेते ही भगवाधारी योगी को लेकर किस्से कहानियों का दौर भी शुरू हो गया है, कोई उनके काम की चर्चा कर रहा है तो कोई कार्यप्रणाली की। किसी को उनकी बेबाक-बेलौस छवि पसंद है तो कोई उनकी सादगी का दीवाना है।

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उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल के मूल निवासी योगी आदित्यनाथ मौजूदा राजनीति में सुर्खियों के हिसाब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी आगे निकलते दिखाई दे रहे हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ को लेकर कुछ ऐसे किस्से भी हैं जिनका जिक्र शायद ही आपने कहीं सुना होगा। कुछ ऐसे ही किस्सों से हम आपको रूबरू कराते हैं। 

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जब संसद में रो पड़े थे योगी आदित्यनाथ

Five interesting story of UP CM Yogi adityanath

अभी तक लोगों ने योगी आदित्यनाथ को मुखर अंदाज में ही अपनी बात रखते देखा होगा, लेकिन एक वक्त ऐसा भी आया था कि सख्त लहजे वाले योगी की आंखों से आंसुओं की धार फूट निकली। संसद में अपनी बात रखते समय वह भावुक हुए तो फूट फूटकर रोने लगे। मामला साल 2006 का था जब गोरखपुर में हुए एक दंगे के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के बाद 11 दिनों तक जेल में रखा था। यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के कार्यकाल में हुई उस घटना से योगी इतना आहत हुए थे कि संसद में अपनी बात रखते हुए यहां तक कह डाला था कि क्या ये संसद उन्हें सुरक्षा देने में सक्षम है, उनकी जान को खतरा है। 

जब मासूम से पूछा बताओ किसे सजा दिलानी है

बात दो साल पुरानी है जब एक मासूम के साथ सवाल जवाब के दौरान योगी काफी भावुक हो गए थे। गोरखनाथ मंदिर में योगी लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, तभी एक 9 साल का बालक उनके पास पहुंचा। उसकी आंखों में आंसू थे, योगी ने उसे पास बुलाया और पूछा की क्या हुआ। तो उस बालक ने बताया कि, मैं रामलीला मैदान के पास रहता हूं... मां ने सामान खरीदने के लिए पैसे दिए थे उसमें से मैं 90 रुपये का बैडमिंटन और शटल कॉक ले आया।

घर पहुंचा तो मां ने डांटकर पैसे वापस लाने को कहा। दुकानदार के पास पहुंचा तो उसने गाली देकर भगा दिया.... मैं पुलिस अंकल के पास भी गया वहां मेरी बात सुनकर हंसते हुए उन्होंने कहा कि योगी दरबार में जाओ। बालक की बात सुनकर योगी की हंसी छूट गई और उससे बोले- बताओ किसे सजा दिलानी है... दुकानदार को या पुलिस को।

बालक ने कहा सजा नहीं दिलानी बस मुझे 90 रुपये वापस चाहिएं ताकी मेरी मां मुझे घर में घुसने दे। इस पर योगी ने अपने कर्मचारी को बालक को 90 रुपये देने को कहा, जिसे लेकर बालक हंसता हुआ चला गया। 

गोरक्षपीठ और मुस्लिमों का कनेक्‍शन

Five interesting story of UP CM Yogi adityanath

योगी के यूपी का मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद उनको लेकर जारी चर्चाओं के बीच एक चर्चा उनके मुस्लिम विरोध की भी है लेकिन गहराई से आदित्यनाथ की शख्सियत और उनसे जुड़े लोगों पर निगाह डालें तो ये तमाम बातें निराधार नजर आती हैं। आदित्यनाथ जिस गोरक्षपीठ के महंत हैं और जिस गोरखनाथ मंदिर के वो मुखिया हैं उसके अहाते में ही दर्जनों मुस्लिम परिवार दशकों से बेखौफ होकर अपना व्यापार कर रहे हैं।

एक दूसरे से सटी हिंदू और मुस्लिमों की दुकानों में कभी किसी तरह का विरोध नजर नहीं आता। इसके अलावा योगी के साथ जुड़े उनके सहयोगियों में से कई मुस्लिम भी हैं। योगी जिस अपनी मदद के लिए जिस युवक को हर समय अपने साथ रखते हैं जावेद नाम का वह युवक भी मु‌स्लिम है। मीडिया में फिलहाल उनके आश्रम में 400 गायों को पालने की भी खूब चर्चा है। खास बात ये है कि इन गायों के देखभाल की जिम्मेदारी भी इनायतुल्ला और उनके बेटे मान मोहम्मद की है। जो पूरे दिन उनकी सेवाओं में लगे रहते हैं।

नेपाल से भी खास है आदित्यनाथ का रिश्ता
योगी आदित्यनाथ का भारत के पडोसी नेपाल से भी खास रिश्ता है। यही वजह कि यूपी का सीएम बनाए जाने की खुशी नेपाल में भी मनाई जा रही है। असल में नेपाल के पूर्व राज परिवार गोरखा समुदाय से जुड़ा हुआ है और गोरखा खुद को गुरु गोरखनाथ के वंशज बताते हैं। गोरखपुर की गोरखपीठ नाथ संप्रदाय की ध्वज वाहक मानी जाती है इसलिए गोरखाओं का इससे धार्मिक जुड़ाव है। नेपाल के पूर्व राजा बीरेंद्र सिंह गोरक्षपीठ के पूर्व उत्तराधिकारी महंत अवैद्यनाथ को अपना गुरु मानते ‌थे। ऐसे में उनके शिष्य आदित्यनाथ से भी उनका लगाव रहा। हालांकि अब नेपाल में राजशाही खत्‍म हो चुकी है लेकिन आदित्यनाथ का जुड़ाव आज भी इस देश से बना हुआ है। 

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मुस्लिम संप्रदाय के गुलाबनाथ से थी योगी आदित्यनाथ की नजदीकी

Five interesting story of UP CM Yogi adityanath

यूपी के मुख्यमंत्री की कुर्सी के साथ साथ योगी आदित्यनाथ नाथ संप्रदाय के शीर्ष पद पर भी विराजमान हैं। गोरक्षपीठ को नाथ संप्रदाय का केंद्र भी कहा जाता है। इसी नाथ संप्रदाय से जुड़े रहे हैं गुरु गुलाबनाथ।

गुजरात के विसनगर निवासी गुलाबनाथ का असली नाम गुल मोहम्मद खान था ‌जिन्होंने हिंदू दर्शन और अध्यात्म से प्रभावित होकर वैराग्य ले लिया था और संत बालकनाथ से दीक्षा लेकर खुद को गुलाबनाथ घोषित कर दिया था। बता दें कि नाथ संप्रदाय में तमाम समंप्रदायों को बराबर सम्मान दिया गया है। नाथ संप्रदाय की इन्हीं खूबियों को देकर गुल मोहम्मद ने अध्यात्‍म की राह चुनी थी।

गुरु गुलाबनाथ की गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ से भी काफी नजदीकी थी और वो उनसे मिलने के लिए अक्सर गोरखपुर आया करते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात योगी आदित्यनाथ से भी हुई। जो
बाद में चलकर इस कदर प्रगाढ़ हुई की जब भी योगी गुजरात जाते तो विसनगर स्थित गुलाबनाथ के आश्रम पर ही रुका करते थे।

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