महाधिवेशन में बोले राहुल गांधी- हाथ के निशान की ताकत से आगे बढ़ेगा देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस का 84 वां अधिवेशन शुरू हो गया है। अधिवेशन में देशभर से करीब 12 हजार कांग्रेस के कार्यकर्ता पहुंचे हैं। अधिवेशन में सोनिया गांधी, मनमोहन सिंह समेत कांग्रेस के सभी बड़े नेता मौजूद हैं। बता दें कि इससे पहले राहुल ने ट्वीट करके कहा था कि वह इस अधिवेशन को लेकर काफी उत्साहित हैं।
अधिवेशन में अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश को बांटने की कोशिश की जा रही है लेकिन हमें देश को जोड़ने का काम करना है। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग तोड़ने का काम कर रहे हैं देश की जनता ही उन्हें इसका जवाब देगी।
अध्यक्ष बनने के बाद राहुल का यह पहला महाधिवेशन है। उन्होंने देश के दूर दराज क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'यह जो हाथ का निशान है, यही देश को जोड़ने और आगे ले जाने का काम कर सकता है।' उन्होंने कहा कि देश को सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही रास्ता दिखा सकती है। वो गुस्से का प्रयोग करते हैं और हम प्यार और भाईचारे का।
वहीं राहुल गांधी ने बातों बातों में एक बार फिर मोदी पर हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए बीजेपी में वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने को भी मुद्दा बनाया और कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने में भरोसा रखती है। उन्होंने कहा कि हम यहां भविष्य की योजना बनाने बैठे हैं, लेकिन हमें बीते कल को नहीं भूलना चाहिए।
देश के लिए युवा और बुजुर्ग दोनों जरूरी है
उन्होंने कहा कि मैं मंच से कहना चाहता हूं कि यदि युवा कांग्रेस को आगे ले जाएंगे तो यह काम वरिष्ठ नेताओं के बिना नहीं हो सकता। कांग्रेस में राहुल के नेतृत्व में नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी के नेताओं के बीच तालमेल को लेकर कई बार चिंता जाहिर की जाती रही है। ऐसे में राहुल गांधी का वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने का बयान के कई मायने हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे लिए युवा और बुजुर्ग दोनों जरूरी है। राहुल ने कांग्रेस और विपक्ष में फर्क बताते हुए कहा कि वह गुस्से का प्रयोग करते हैं लेकिन हम प्यार का प्रयोग करते हैं। हमारा देश किसी एक का नहीं है यह सभी का है। यहां सभी जाति-धर्म के लोग रहते हैं।
अधिवेशन में पार्टी अपने अगले पांच साल की दशा-दिशा तय करेगी। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में हो रहे इस अधिवेशन में पार्टी चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित करेगी। जिसमें विदेशी, आर्थिक, बेरोजगारी और कृषि जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।