IVF Mobile Van: पशुओं के लिए देश की पहली चलित IVF लैब, संत मुरारी बापू व मंत्री रूपाला ने किया लोकार्पण
रविवार को अमरेली में सारही तपोवन आश्रम के भूमिपूजन कार्यक्रम में इस मोबाइल आईवीएफ वैन का उद्घाटन किया गया। केंद्र सरकार और अमर डेयरी के संयुक्त उपक्रम में यह वैन संचालित की जाएगी। यह पशुओं के लिए पहली आईवीएफ वैन है।
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देश में पशुओं के इन विट्रो फर्टिलाइजेशन IVF के लिए पहली चलित लैब का लोकार्पण गुजरात के अमरेली में संत मुरारी बापू और केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने किया। इसके जरिए उत्तम नस्ल की साहीवाल गायों के साथ ही अन्य नस्लों के पशुओं के प्रजनन को बढ़ावा दिया जाएगा।
रविवार को अमरेली में सारही तपोवन आश्रम के भूमिपूजन कार्यक्रम में इस मोबाइल आईवीएफ वैन का उद्घाटन किया गया। केंद्र सरकार और अमर डेयरी के संयुक्त उपक्रम में यह वैन संचालित की जाएगी। यह पशुओं के लिए देश की पहली आईवीएफ वैन है।
गुजरात: केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने अमरेली में पशुओं के लिए मोबाइल IVF लैब का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा, "आज सारही तपोवन आश्रम के भूमिपूजन कार्यक्रम में भारत सरकार और अमर डेयरी के संयुक्त उपक्रम में IVF की मोबाइल वैन लोकार्पित की गई।" (01.01) pic.twitter.com/FNthiF4SZsविज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 1, 2023
केंद्रीय मंत्री रूपाला ने बताया कि यह भारत की पहली आईवीएफ मोबाइल इकाई है। इस इकाई की मदद से अमरेली के पशुपालकों को आईवीएफ तकनीक उपलब्ध कराने का काम शुरू हो गया है।
बता दें, आईवीएफ उन्नत प्रजनन तकनीक है। यह प्रजनन में मदद करने और संतान उत्पत्ति की एक अत्याधुनिक प्रक्रिया है। अच्छी नस्ल के पशुओं के संवर्धन के लिए यह मोबाइल वैन कारगर साबित होगी। साहीवाल नस्ल की गायों व अच्छी नस्ल के दुधारू पशुओं की आबादी बढ़ाने में आईवीएफ वैन अहम भूमिका निभाएगी।
जानें साहीवाल गाय के बारे में
- साहीवाल देसी गाय है। इसका सिर चौड़ा, सींग मोटे व शरीर मध्यम आकार का होता है।
- साहीवाल गायों का रंग अक्सर लाल और गहरा भूरा होता है। कुछ की त्वचा पर सफेद धब्बे भी रहते हैं।
- यह प्रजनन के बाद करीब 9-10 माह दूध देती है।
- यह गायें रोज 10 से 16 लीटर तक दूध देने में सफल होती हैं। अन्य देशी गायों की तुलना में इसकी दूध देने की क्षमता ज्यादा होती है।