फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Final hearing on the post-poll violence ends, Calcutta High Court reserves Order

पश्चिम बंगाल: चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले की सुनवाई पूरी, कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

Tue, 03 Aug 2021 03:49 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 03 Aug 2021 03:49 PM IST
सार

बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के मामले की कलकत्ता हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई पूरी हो गई। बुधवार दोपहर तक कोई व्यक्ति चाहे तो हिंसा से संबंधित दस्तावेज पेश कर सकता है। 
 

विज्ञापन
Final hearing on the post-poll violence ends, Calcutta High Court reserves Order
पश्चिम बंगाल में हिंसा - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई व्यापक हिंसा के मामले में मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। 

विज्ञापन


मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सॉलिसीटर जनरल से कहा कि वे मामले से संबंधित सभी स्वत: संज्ञान के मामलों के दस्तावेज पेश करें। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई चाहे तो बुधवार दोपहर 2.30 बजे तक इस मामले में दस्तावेज पेश कर सकता है।  

विज्ञापन
 


कलकत्ता हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पर याचिकाकर्ताओं में से एक की वकील प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि एनएचआरसी पर पक्षपाती होने का आरोप राज्य सरकार लगा रही है और उसका यह भी कहना है कि कोई हिंसा हुई ही नहीं है। जबकि हिंसा हुई। ऐसे में इस मामले को स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन


23 जुलाई को हुई सुनवाई में कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की समिति द्वारा प्रस्तुत अंतिम रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए 26 जुलाई तक का समय दिया था। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को हुई थी। पांच जजों की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव बाद हिंसा पर हाई कोर्ट को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में अनेक विसंगतियां हैं।


रिपोर्ट में चुनाव के पहले हिंसा की घटनाओं का जिक्र किया गया है। सिंघवी ने कहा कि एनएचआरसी जैसे संस्थान से ऐसी उम्मीद नहीं थी। राज्य सरकार भी हिंसा के मामलों में जिला स्तर पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की टीम की ओर से कलकत्ता हाईकोर्ट को सौंपी गई अंतिम जांच रिपोर्ट में राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना की गई है। 13 जुलाई को एनएचआरसी ने 2021 के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद राज्य में हिंसा के आरोपों की जांच करते हुए हाईकोर्ट को 50 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें आयोग ने कहा था कि राज्य में कानून का शासन नहीं बल्कि शासक का कानून है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed