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संविधान को बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ना लोकतांत्रिक विवशता : चंद्रबाबू नायडू
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Updated Thu, 29 Nov 2018 05:30 PM IST
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चंद्रबाबू नायडू
- फोटो : ANI
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तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस पार्टी के साथ महागठबंधन करने पर स्पष्टीकरण देते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष एन चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा कि उनके राहुल गांधी के नेतृत्व वाली पार्टी के साथ कोई वैचारिक मतभेद नहीं हैं।
राज्य में पीपुल्स फ्रंट के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार अभियान के तौर पर बुधवार को गांधी के साथ कई बैठकों में शामिल होने वाले नायडू ने कहा कि गैर भाजपा दलों के लिए एक ही मंच पर आने की लोकतांत्रिक विवशता है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "राजनीतिक रूप से हम (तेदेपा और कांग्रेस) अलग हैं। तेलुगु देशम पार्टी शुरुआत से ही कांग्रेस के खिलाफ लड़ रही है और यही सच्चाई है। वैचारिक तौर पर हमारे कोई मतभेद नहीं हैं। वैचारिक रूप से हमारे भाजपा के साथ मतभेद हैं।"
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उन्होंने कांग्रेस के साथ दशकों पुराने मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर कहा, "लेकिन आज एक लोकतांत्रिक विवशता है। इसलिए संविधान को बचाने और साथ ही संस्थानों को बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ने की जरुरत है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास पांच राज्यों में से कहीं पर भी जीतने का मौका नहीं है।
उन्होंने दावा किया, "प्रधानमंत्री मोदी ने देश को निराश किया। लोगों ने उन पर बहुत भरोसा किया। लेकिन उन्होंने देश को निराश किया। हर कोई दबाव और तनाव में जी रहा है। यह देश के लिए बहुत बुरा है कि वे सीबीआई, ईडी और आयकर जैसे संस्थानों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।"
गैर भाजपा दलों की 10 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक के बारे में नायडू ने कहा कि किसी भी दल का कोई औपचारिक न्यौता नहीं होगा।
यह पूछे जाने पर कि भाजपा-रोधी गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी कौन हैं? साल 2014 तक वह महज एक मुख्यमंत्री थे। वह अपनी पार्टी को जिता पाए। अब कई सक्षम लोग और प्रशासक हैं। वे नेतृत्व करेंगे। हम इस पर सहमति बनाएंगे। मैं प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं। मैंने कई बार कहा है। मुझे इस पहल से किसी पद या किसी फायदे की उम्मीद नहीं है।"
उन्होंने कहा कि पीपुल्स फ्रंट जीत रहा है और तेलंगाना में सरकार बना रहा है। (इनपुट:भाषा)
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राज्य में पीपुल्स फ्रंट के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार अभियान के तौर पर बुधवार को गांधी के साथ कई बैठकों में शामिल होने वाले नायडू ने कहा कि गैर भाजपा दलों के लिए एक ही मंच पर आने की लोकतांत्रिक विवशता है।
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उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "राजनीतिक रूप से हम (तेदेपा और कांग्रेस) अलग हैं। तेलुगु देशम पार्टी शुरुआत से ही कांग्रेस के खिलाफ लड़ रही है और यही सच्चाई है। वैचारिक तौर पर हमारे कोई मतभेद नहीं हैं। वैचारिक रूप से हमारे भाजपा के साथ मतभेद हैं।"
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उन्होंने कांग्रेस के साथ दशकों पुराने मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर कहा, "लेकिन आज एक लोकतांत्रिक विवशता है। इसलिए संविधान को बचाने और साथ ही संस्थानों को बचाने के लिए भाजपा के खिलाफ लड़ने की जरुरत है।"
Andhra Pradesh CM: Today there is a democratic compulsion which overcomes political compulsions. That’s why we’re joining (alliance), even those who at some stage had differences with Congress, we’ve to come together to fight the elections to save India and democracy, pic.twitter.com/OJhFfm2Ekc
— ANI (@ANI) November 29, 2018
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास पांच राज्यों में से कहीं पर भी जीतने का मौका नहीं है।
उन्होंने दावा किया, "प्रधानमंत्री मोदी ने देश को निराश किया। लोगों ने उन पर बहुत भरोसा किया। लेकिन उन्होंने देश को निराश किया। हर कोई दबाव और तनाव में जी रहा है। यह देश के लिए बहुत बुरा है कि वे सीबीआई, ईडी और आयकर जैसे संस्थानों का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।"
गैर भाजपा दलों की 10 दिसंबर को प्रस्तावित बैठक के बारे में नायडू ने कहा कि किसी भी दल का कोई औपचारिक न्यौता नहीं होगा।
यह पूछे जाने पर कि भाजपा-रोधी गठबंधन का नेतृत्व कौन करेगा, इस पर उन्होंने कहा, "नरेंद्र मोदी कौन हैं? साल 2014 तक वह महज एक मुख्यमंत्री थे। वह अपनी पार्टी को जिता पाए। अब कई सक्षम लोग और प्रशासक हैं। वे नेतृत्व करेंगे। हम इस पर सहमति बनाएंगे। मैं प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हूं। मैंने कई बार कहा है। मुझे इस पहल से किसी पद या किसी फायदे की उम्मीद नहीं है।"
उन्होंने कहा कि पीपुल्स फ्रंट जीत रहा है और तेलंगाना में सरकार बना रहा है। (इनपुट:भाषा)