{"_id":"578036b74f1c1b114f7f9c0d","slug":"farmers-get-low-cost-solar-pump","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा सस्ता सोलर पंप","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
किसानों के लिए अच्छी खबर, मिलेगा सस्ता सोलर पंप
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 09 Jul 2016 04:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली के अभाव में पानी की समस्या से जूझ रहे किसान मामूली खर्च पर अपने खेतों में सोलर पंप लगा सकते हैं। इस सोलर पंप के जरिए किसान रोजाना आठ घंटे तक खेत में पानी देने का काम कर सकते हैं।
विज्ञापन
बिजली या डीजल पंप के मुकाबले सोलर पंप काफी सस्ता है और सोलर पंप को लगाने के लिए नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) की तरफ से सब्सिडी भी दी जा रही है। एमएनआरई की तरफ से किसानों को 5 एचपी वाले पंप के लिए लागत की 30 फीसदी तक की सब्सिडी दी जा रही है, वहीं अधिकतर राज्यों की तरफ से सोलर पंप के लिए 50 फीसदी की सब्सिडी मिल रही है।
विज्ञापन
एमएनआरई के पैनल में शामिल सोलर पंप निर्माता कंपनी रोटोमैग के निदेशक, राघव अग्रवाल कहते हैं कि खेतों में पानी देने के लिए 5 एचपी का पंप पूर्ण सक्षम होता है। इसकी लागत 5.5 लाख रुपये आती है और किसानों को लागत की सिर्फ 20 फीसदी राशि का इंतजाम करना होता है।
विज्ञापन
बाकी की रकम का इंतजाम केंद्र व राज्य की सब्सिडी से हो जाता है। उन्होंने बताया कि 5 एचपी के पंप से 70-75 हजार लीटर पानी निकाला जा सकता है जो कि खेतों के लिए पर्याप्त है। नबार्ड से संपर्क करने पर किसानों को 20 फीसदी की रकम भी कर्ज के रूप में मिल जाती है।
उत्तर प्रदेश में सोलर पंप का काम करने वाली कंपनी यूनिलाइन इलेक्ट्रिकल सिस्टम के संस्थापक आरके बंसल कहते हैं कि सोलर पंप से मिलने वाले पानी व बिजली के बचने की वजह से सोलर पंप की लागत तीन साल में निकल आती है, जबकि पंप की अवधि (लाइफ) 25 सालों की होती है।
उन्होंने बताया कि सूर्य की रोशनी आने पर अपने-आप चालू होने वाले पंप भी अब लगाए जा रहे हैं। एमएनआरई के मुताबिक ,देश में सोलर पंप लगाने की काफी गुंजाइश है।
देश भर में 70 लाख से अधिक डीजल से चलने वाले पंप हैं और 2 करोड़ से अधिक एसी बिजली से चलने वाले पंप हैं। देश भर में अब तक मात्र 50,000 सोलर पंप लगे हैं। ऐसे में अगर डीजल से चलने वाले सभी पंपों को सोलर पंप में बदल दिया जाए तो बिजली की बचत के साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी और पर्यावरण की भी रक्षा होगी।
अग्रवाल कहते हैं कि बिजली के अभाव में किसान खेतों में पानी नहीं दे पाते हैं, लेकिन सोलर पंप भारतीय खेतों को लहलहाने का काम कर सकता है।