'हमें चाहिए 244 करोड़, घर का चूल्हा जलाना हो गया है मुश्किल'
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बकाया भुगतान नहीं होने से मुश्किलें झेल रहे किसानों ने एलान किया कि उन्हें भुगतान चाहिए। 244 करोड़ मिल की तरफ बकाया है। भुगतान नहीं होने से मुश्किलें झेल रहे हैं। प्रशासन को आठ दिन का अल्टीमेटम दिया। एसडीएम और डीसीओ ने किसानों को किसी तरह शांत किया।
बृहस्पतिवार को धरने पर पहुंचे किसानों ने कहा सरकार उनकी गलती बताएं। राज बावली की अध्यक्षता और रामसेवक के संचालन में धरना शुरू हुआ। वक्ताओं ने कहा प्रशासन को उनकी बात गंभीरता के साथ सुननी होगी। अपने बीच अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर भी किसानों ने नाराजगी जताई।
एसडीएम दीपाली कौशिक और डीसीओ सुशील कुमार ने किसानों को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन ने कहा मिल की कुर्की की जाएगी। पंचायत ने आठ दिन में सही कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन का एलान किया।
भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, पूर्व विधायक डॉ. महक सिंह, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र सिंह, हरेंद्र दांगी, विराज तोमर, उपेंद्र तोमर, अरुण तोमर, कर्नल ब्रहम पाल सिंह, राजबाला चेयरमैन, राजपाल प्रधान, वेदपाल पंवार, सत्यपाल सिंह आदि रहे।
गन्ना समिति के चेयरमैन पर हमला
तहसील में पंचायत बीच बीच गन्ना समिति के चेयरमैन धूम सिंह खड़े थे। उन्होंने समिति द्वारा कराई गई कार्रवाई के विषय में लोगों को बताया। इस बीच संचालन कर रहे रामसेवक से माइक लेने की कोशिश की, जिस पर पंचायत में बैठे युवकों ने आक्रोशित होकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इस पर काफी देर तक हंगामा हुआ। उधर, धूम सिंह ने कहा कुछ लोग मिल मालिकों से मिले हैं और वे नहीं चाहे की आंदोलन हो। उन्होंने कहा मेरे साथ कोई मारपीट नहीं हुई।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
किसानों के आंदोलन को देख पूरी तहसील छावनी में तब्दील कर दी गयी थी और पुलिस पीएससी वहां पर तैनात रही।