इन दिनों आपको भी फेसबुक, व्हॉट्सएप या ट्विटर पर असम और बिहार में आए बाढ़ की कई तस्वीरें देखने को मिल रही होंगी, जिन्हें देख कर आपके रोंगटे खड़े हो जाते होंगे। किसी तस्वीर में नाक तक भरे पानी को देख कर आप स्तब्ध रह जाते होंगे, तो कई जगह बाढ़ का प्रकोप देख कर सिहर उठते होंगे। लेकिन आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर असम और बिहार के बाढ़ के नाम पर वायरल हो रही सभी तस्वीरें सच नहीं हैं।
आप यह जान कर हैरान हो जाएंगे कि कई तस्वीरें जिन्हें आपने भी शेयर या पोस्ट किया होगा, उनमें से ज्यादातर न तो असम बाढ़ की हैं और न ही बिहार के बाढ़ की हैं। आपको बता रहे हैं इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों की सच्चाई।
पहली तस्वीर-
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वायरल तस्वीर
- फोटो : Social Media
यह तस्वीर भी अपको कहीं बिहार तो कहीं असम के नाम पर देखने मिल जाएगी। इसमें एक बूढ़ा दर्जी अपने कंधों पर अपनी मशीन को लेकर जा रहा है। देखने में ऐसा लग रहा है कि दर्जी खुद तो डूब रहा है, लेकिन अपनी मशीन को किसी तरह पानी से बचाने की कोशिश कर रहा है।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल
आपको जान कर आश्चर्य होगा कि यह तस्वीर भी बाढ़ से ग्रसित दोनों राज्यों में से कहीं की नहीं है। दरअसल 1950 में एक चीनी फोटोग्राफर स्टीव मैक करी ने अपनी भारत यात्रा के दौरान इस फोटो को खींचा था। उन्होंने इस तस्वीर के माध्यम से भारतीय मॉनसून को दिखाने की कोशिश की थी। इसे बाद में नेशनल जियोग्राफिक पत्रिका के लिए कवर के रूप में भी इस्तेमाल किया गया था।
दूसरी तस्वीर-
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वायरल तस्वीर
- फोटो : Social Media
सोशल मीडिया पर एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है जिसमें एक व्यक्ति खुद तो गले से ऊपर तक पानी में डूबा हुआ है, लेकिन एक नवजात बच्चे को अपने सिर पर उठा कर सुरक्षित जगह तक ले जाने की कोशिश कर रहा है। कुछ लोग इस फोटो को बिहार में आए बाढ़ के दौरान पिता-पुत्र का प्रेम बता कर साझा कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे असम बाढ़ की तस्वीर बता रहे हैं।
क्या कहती है अमर उजाला की पड़ताल
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आंध्र प्रदेश में आए बाढ़ की तस्वीर
- फोटो : Social Media
हमने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि यह तस्वीर असल में न तो बिहार की है और न ही असम की। यह तस्वीर 2016 में आंध्र प्रदेश में आयी बाढ़ के दौरान ली गई थी, जहां एक पिता अपनी बीमार बेटी को गहरे पानी में सिर पर उठाकर चल रहे थे ताकि वो अपनी बेटी को नजदीक के किसी अस्पताल में ले जा सकें। 29 सितंबर, 2016 को डेली मेल में भी यह खबर छपी थी।