फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Explainer: From Theatre to Politics, How Did Neha Bora Become a Face of Youth and Left-Wing Movements?

एक्सप्लेनर: थिएटर की शांति से राजनीति के शोर तक, जेएनयू की लड़की कैसे बनी युवा और वामपंथी आंदोलन का नया चेहरा?

Wed, 14 Oct 2026 06:16 AM IST
रिया दुबे स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: रिया दुबे Updated Wed, 14 Oct 2026 06:16 AM IST
सार

छात्र राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाली नेहा बोरा इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं। नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन से लेकर चुनाव आयोग के विरोध में प्रदर्शनों तक, उनकी सक्रियता ने उन्हें सुर्खियों में बनाए रखा है। आखिर कौन हैं नेहा बोरा और कैसे बनीं युवा आंदोलनों का चर्चित चेहरा? आइए जानते हैं। 

विज्ञापन
Explainer: From Theatre to Politics, How Did Neha Bora Become a Face of Youth and Left-Wing Movements?
नेहा बोरा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

29 साल की नेहा बोरा इन दिनों छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक चर्चा में हैं। नीट पेपर लीक के खिलाफ 23 दिन की भूख हड़ताल से सुर्खियों में आईं नेहा हाल ही में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ मार्च में भी नजर आईं।

विज्ञापन


ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर कौन हैं नेहा बोरा? वह छात्र राजनीति का चेहरा कैसे बनीं? उन्होंने कब-कब प्रदर्शनों में भाग लिया? 

कौन हैं नेहा बोरा?

नेहा बोरा 29 साल की छात्र नेता हैं। उनका जन्म उत्तराखंड के खटीमा में हुआ। उनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत थे, इसलिए बचपन में परिवार को अलग-अलग जगहों पर रहना पड़ा। उन्होंने दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं की पढ़ाई पश्चिम बंगाल में की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और दिल्ली के अंबेडकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। उनकी स्नातकोत्तर पढ़ाई का क्षेत्र परफॉर्मेंस स्टडीज था।

विज्ञापन


इसके बाद नेहा ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज में पीएचडी के लिए दाखिला लिया। जेएनयू में पढ़ाई के दौरान वह छात्र राजनीति से जुड़ीं और अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) में शामिल हुईं। यह वामपंथी छात्र संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन से संबद्ध है। फिलहाल नेहा इसकी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ाई और छात्र राजनीति के अलावा वह दिल्ली के स्ट्रीट थिएटर समूह संगवारी से भी जुड़ी हैं। नेहा अपनी पहचान के लिए अंग्रेजी में 'they/them' सर्वनाम इस्तेमाल करती हैं।

Trending Videos

Explainer: From Theatre to Politics, How Did Neha Bora Become a Face of Youth and Left-Wing Movements?
नेहा बोरा - फोटो : Amar Ujala

थिएटर से छात्र राजनीति तक का सफर

नेहा बोरा अपने एक इंटरव्यू में बताती हैं कि स्नातक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने थिएटर ग्रुप जॉइन किया था। उनके मुताबिक, जब शिक्षा से संतुष्टि नहीं मिलती, तो इंसान दूसरी जगहों पर उसे तलाशने लगता है। थिएटर उन्हें ऐसी जगह लगा, जहां रचनात्मक लोग एक-दूसरे से बातचीत करते थे, एक-दूसरे को समझते थे और अपनी बात खुलकर रखते थे।

नेहा के मुताबिक, थिएटर ने उन्हें अलग-अलग तरह के लोगों और उनके नजरिए को समझने का मौका दिया। उन्होंने बताया कि किसी ऐसे किरदार को निभाना भी थिएटर का हिस्सा है, जिससे वास्तविक जीवन में आपकी असहमति हो सकती है। ऐसे किरदार को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि वह व्यक्ति ऐसा क्यों सोचता है और उसके विचारों के पीछे क्या परिस्थितियां हैं।

सीएए विरोधी आंदोलन से क्या सीखा?

नेहा ने अपने एक इंटरव्यू में 2019-20 के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी आंदोलन का भी जिक्र किया। वह बताती हैं कि इस आंदोलन के दौरान उन्होंने अपने से छोटे युवाओं को विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व करते देखा। छात्र अपने क्लासरूम और विभागों से बाहर निकलकर आंदोलन में शामिल हो रहे थे।

नेहा के मुताबिक, युवा ऐसे काम कर रहे थे और ऐसी संभावनाएं बना रहे थे, जिनके बारे में उन्होंने अब तक सिर्फ किताबों में पढ़ा था। वह मानती हैं कि लोगों को सड़कों पर उतरने का साहस उम्मीद से मिलता है। उनके मुताबिक, लोगों को भरोसा होता है कि वे सख्त शासन का विरोध करने के साथ उसे चुनौती भी दे सकते हैं। जिस तरह डर फैलता है, उसी तरह उम्मीद भी फैलती है और लोगों को संघर्ष करने की ताकत देती है।

परिवार से राजनीतिक मतभेद और अपने फैसले लेने की आजादी

नेहा बोरा बताती हैं कि उनका परिवार भाजपा समर्थक है और राजनीतिक मुद्दों पर उनके बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके परिवार में राजनीतिक असहमति काफी पुरानी है। दिल्ली आने और राजनीतिक रूप से सक्रिय होने के बाद यह मतभेद और स्पष्ट हुआ।

नेहा के मुताबिक, कई बार घर में स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। हालांकि, आर्थिक मामलों और अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने में वह काफी हद तक स्वतंत्र रही हैं। उन्होंने बताया कि स्नातक की पढ़ाई के दूसरे या तीसरे वर्ष में उन्हें अपने फैसले खुद लेने की आजादी मिली थी। उनके लिए यह जीवन का निर्णायक मोड़ था।

नीट पेपर लीक के खिलाफ 23 दिन की भूख हड़ताल

नेहा बोरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान जुलाई में नीट पेपर लीक और परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुई भूख हड़ताल से मिली। वह आइसा के साथी मनीष कुमार और आमीन अमीतोज के साथ इस आंदोलन में शामिल हुईं। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल हुए, जिसके बाद यह प्रदर्शन और चर्चा में आया।

नेहा और उनके साथियों ने 23 दिन तक भूख हड़ताल जारी रखी। 20 जुलाई को सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के एक प्रतिनिधिमंडल की अपील के बाद उन्होंने भूख हड़ताल समाप्त की। इस दौरान नेहा का करीब आठ किलोग्राम वजन कम हो गया था।

इस आंदोलन के बाद नेहा छात्र राजनीति का चर्चित चेहरा बन गईं। वह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ भी नजर आईं। उनके भाषणों और भूख हड़ताल से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए।

Explainer: From Theatre to Politics, How Did Neha Bora Become a Face of Youth and Left-Wing Movements?
नेहा बोरा - फोटो : Amar Ujala

नेहा के भूख हड़ताल ने उनकी मां का नजरिया बदला

नेहा बोरा बताती हैं कि उन्होंने शुरुआत में परिवार को अपनी भूख हड़ताल के बारे में नहीं बताया था। करीब डेढ़ हफ्ते बाद जब उनकी मां को पता चला, तो उन्होंने फोन कर नेहा को खूब डांटा और पीएचडी पर ध्यान देने की सलाह दी। नेहा ने कहा कि उस समय उनमें बहस करने की ताकत नहीं थी।

भूख हड़ताल के 22वें दिन उनकी मां बरेली से दिल्ली पहुंचीं। नेहा को लगा था कि मां उन्हें डांटेंगी या जबरदस्ती जूस पिलाएंगी, लेकिन उन्होंने गले लगाया और उनके पैर दबाने लगीं। मां दो-तीन घंटे उनके पास बैठी रहीं। रात में नेहा के कहने पर वह घर चली गईं और अगली सुबह करीब साढ़े पांच बजे वापस आईं।

नेहा बताती हैं कि सुबह उन्होंने देखा कि आइसा के करीब 40-50 साथी उनके बिस्तर के आसपास जमीन पर सो रहे थे और मां कुर्सी पर बैठकर उन्हें देख रही थीं। जिन लोगों से मां राजनीतिक मुद्दों पर असहमत थीं, वही लोग रातभर उनकी देखभाल कर रहे थे। नेहा को लगता है कि इस अनुभव ने उनकी मां को उन लोगों को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया।

झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान नेहा पर फेंकी गई स्याही

जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल के बाद नेहा बोरा झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन में भी सक्रिय रहीं। 7 अगस्त को झारखंड विधानसभा के पास प्रदर्शन के दौरान उन पर स्याही फेंकी गई। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

इस घटना के बाद नेहा ने कहा कि स्याही फेंकने से देशभर में छात्रों और युवाओं के बीच उठ रहे गुस्से को शांत नहीं किया जा सकता। सितंबर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी को लेकर भी उनके खिलाफ पुलिस शिकायतें दर्ज होने की खबरें आईं।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

अब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी आवाज उठाई। वह दिल्ली में उनके इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल हुईं। इन प्रदर्शनों के दौरान उन्हें बैरिकेड पार करते और पुलिस द्वारा हिरासत में लेते हुए देखा गया।

अक्तूबर में नेहा ने अन्य छात्र संगठनों और नागरिक समूहों के साथ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। 10 अक्तूबर को पुलिस ने उन्हें कई प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में लिया। उस दिन नेहा की टीशर्ट भी चर्चा में रही। उनकी टीशर्ट में वन पीस का प्रतीक बना हुआ था। इसे अक्सर विरोध का प्रतीक माना जाता है। 

Explainer: From Theatre to Politics, How Did Neha Bora Become a Face of Youth and Left-Wing Movements?
नेहा बोरा - फोटो : Amar Ujala

क्या नेहा बोरा ने पुलिस को चकमा दिया?

दरअसर, 11 अक्तूबर को नेहा बोरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर किया, जिसमें लिखा था 'डू आई हैव योर अटेंशन? वॉच क्लोजली, स्टे रेडी, टाइम एंड वेन्यू इनकमिंग।' करीब दो घंटे बाद उन्होंने वीडियो जारी कर दोपहर 2:30 बजे आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन का एलान किया। इसके बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात हो गया और एसएफआई व आइसा के प्रदर्शनकारी जुटने लगे।

इसी दौरान मास्क, लाल कपड़े और गोल काले चश्मे वाली एक महिला को पुलिस ने हिरासत में लिया। उसके लुक के कारण लोगों और मीडिया को लगा कि वह नेहा हैं, लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि वह उनकी हमशक्ल थीं।

उधर, नेहा दूसरे प्रदर्शनकारियों के साथ बैरिकेड पार कर कनॉट प्लेस पहुंच गईं। उन्होंने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'वी हैव क्रॉस्ड द बैरिकेड्स एंड रीच सीपी।' बाद में उन्हें विजय चौक के पास हिरासत में ले लिया गया।

इस घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरी। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब पुलिस को नेहा के प्रदर्शन में शामिल होने की जानकारी थी और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात था, तो उनकी हमशक्ल को हिरासत में कैसे ले लिया गया। कुछ लोगों ने इसे नेहा की रणनीति बताया और कहा कि एक जैसी दिखने वाली महिला की मौजूदगी से पुलिस और मीडिया का ध्यान बंट गया था। हालांकि, उन्होंने अपनी हमशक्ल के साथ तस्वीर साझा कर लिखा, 'द टेल ऑफ द टू नेहास, नॉट स्ट्रेटजी, जस्ट कोइंसिडेंस।' यानी यह कोई रणनीति नहीं, बल्कि महज इत्तेफाक था।

आईएनडीआईए ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च में भी शामिल हुईं नेहा

12 अक्तूबर को दिल्ली में आईएनडीआईए ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई गई।

इस मार्च में नेहा बोरा भी शामिल हुईं। उनके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी नेता भी नजर आए। दूसरे नेताओं की मौजूदगी के बावजूद नेहा लोगों का ध्यान खींच रही थीं। कार्यकर्ता उनसे ऑटोग्राफ भी ले रहे थे।

सोशल मीडिया पर कितनी लोकप्रिय हैं नेहा?

नेहा बोरा के इंस्टाग्राम पर करीब 12 लाख फॉलोअर्स हैं। उनके पोस्ट और वीडियो पर लाखों व्यूज आ रहे हैं। उनके एक वीडियो पर करीब 2.2 करोड़ व्यूज आए। इस वीडियो में उन्हें जंतर-मंतर 2.0 का आगाज करते हुए कहा था कि कुर्सी की पेटी बांध लीजिए मौसम बदलने वाला है। 

प्रदर्शन के दौरान उनके भाषण, पुलिस के साथ हुई घटनाओं और बैरिकेड पार करने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं। हालिया प्रदर्शनों के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें 'शेरनी' भी कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed