गोवा आरएसएस में बगावत, पूर्व प्रमुख ने बनाया नया संगठन
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गोवा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) में हुई बगावत की चिंगारी अब ज्वाला बनने वाली है। बगावत के बाद संघ में दो गुट बन गए हैं। इससे एक नए संगठन का उदय हुआ है जिसका नाम है आरएसएस गोवा।
इसके मुखिया गोवा में आरएसएस के पूर्व प्रमुख सुभाष वेलिंगकर बनाए गए हैं जबकि संघ से जुड़े लगभग 600 से भी ज्यादा कार्यकर्ता जिन्होंने आरएसएस से इस्तीफा दे दिया है वह इस संगठन के पदाधिकारी होंगे। यह नया संगठन न सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बल्कि उसकी राजनीतिक इकाई भाजपा को भी चुनौती देगा।
गोवा संघ में आरएसएस के प्रमुख रहे वेलिंगकर को पद से हटाए जाने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदले हैं। पहले संघ के पदाधिकारियों ने राज्य आरएसएस प्रमुख सुभाष वेलिंगकर की बर्खास्तगी के विरोध में इस्तीफा दिया और उसके बाद नए संगठन की घोषणा भी कर दी। वेलिंगकर के गुट के एक नेता की मानें तो आरएसएस गोवा राज्य की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगा। यह अगले साल होने वाले
गोवा विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए तगड़ा झटका?
गोवा में संघ की जड़ें जमाने और भाजपा कार्यकर्ता तैयार करने का काफी श्रेय सुभाष वेलिंगकर को जाता है। वे भारतीय भाषा सुरक्षा मंच (बीबीएसएम) नामक संगठन के भी प्रमुख हैं। यह संगठन मातृभाषा को बढ़ावा देने की मुहिम चलाती है।
वेलिंगकर का आरोप है कि बीजेपी सरकार राज्य के स्कूलों में कोंकणी, मराठी और क्षेत्रीय भाषाओं के स्थान पर अंग्रेजी को ज्यादा तरजीह दे रही है जबकि, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने साल 2012 के विधानसभा चुनाव में वादा किया था कि अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों का अनुदान बंद कर सभी स्कूलों में मातृभाषा में शिक्षा दी जाएगी।
वहीं, आरएसएस ने हालांकि मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा की मुहिम का समर्थन किया है। लेकिन, राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते वेलिंगकर को राज्य संघ प्रमुख के दायित्व से मुक्त कर दिया है।
संघ के इतिहास में पहली बार हुई बगावत
आरएसएस के इतिहास में पहली बार गोवा में संघ के कार्यकर्ताओं ने बगावत की है जिससे विश्व के इस सबसे बड़े संगठन में हलचल मच गई है। दरअसल, गोवा संघ के कार्यकर्ता चाहते थे कि सुभाष वेलिंगकर को फिर से पद पर बहाल किया जाए लेकिन सर संघचालक मोहन भागवत की ओर से कोई जवाब नहीं आने के बाद सामूहिक इस्तीफे का दौर शुरू हुआ।
गोवा में संघ कार्यकर्ताओं को असंतोष तात्कालिक है : बापट
आरएसएस कोंकण प्रांत (जिसमें गोवा राज्य भी शामिल है) के प्रचारक प्रमोद बापट ने इसे पारिवारिक मामला बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य इकाई के कई शीर्ष नेताओं ने राजधानी पणजी के निकट एक स्कूल में छह घंटे से भी ज्यादा समय तक चली बैठक में वेलिंगकर के सामने संघ पद्धति से सारे निर्णय लिए हैं।
वेलिंगकर ने भी अपने जीवन में इस तरह के फैसले लिए हैं। बापट का कहना है कि यह असंतोष तात्कालिक है। जब गोवा में संघ के कार्यकर्ताओं को सारी बातें पता चलेंगी तो सब कुछ ठीक हो जाएगा।
‘मुझे आश्चर्य नहीं है। मैं इसकी (बर्खास्तगी) की उम्मीद कर रहा था। परिकर और नितिन गडकरी केंद्र में शक्तिशाली है। वह उनकी लॉबिइंग खूब चलती है। उन्होंने इसके लिए निश्चित रूप से कोशिश की होगी। उन्होंने आरएसएस हाई कमान को गलत जानकारी दी होगी। बाद में वे इसके लिए पछताएंगे।’ - सुभाष वेलिंगकर