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Valmiki Corporation scam: वाल्मिकी घोटाले में पूर्व मंत्री नागेंद्र को झटका, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
Mon, 22 Jul 2024 03:01 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 22 Jul 2024 03:01 PM IST
सार
बेल्लारी ग्रामीण कांग्रेस विधायक प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में थे। आज उनकी हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां संघीय जांच एजेंसी ने और हिरासत की मांग नहीं की।
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बी. नागेंद्र
- फोटो : ANI (फाइल)
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विस्तार
कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्हें यहां की एक विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। बता दें, अदालत ने यह फैसला महर्षि वाल्मिकी जनजातीय विकास निगम में हुए कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में लिया है।
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बेल्लारी ग्रामीण कांग्रेस विधायक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में थे। आज उनकी हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां संघीय जांच एजेंसी ने और हिरासत की मांग नहीं की।
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यह था मामला
कर्नाटक की महर्षि वाल्मिकी अनुसूचित जनजाति विकास निगम में लेखा विभाग के अधीक्षक चंद्रशेखर पी ने 26 मई को आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इसके बाद निगम में बड़ा घोटाला सामने आया। नोट में निगम के खाते से 187 करोड़ रुपये अवैध तरीके से ट्रांसफर किए गए।
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इसमें से 88.62 करोड़ रुपये आईटी कंपनी और हैदराबाद की एक सहकारी बैंक में अवैध रूप से भेजे गए। घोटाले का आरोप लगने के बाद अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी नागेंद्र ने छह जून को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ईडी ने नागेंद्र से पूछताछ करने के बाद उन्हें 12 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया था।
20 स्थानों की ली थी तलाशी
उनकी गिरफ्तारी से पहले ईडी ने इस महीने की शुरुआत में नागेंद्र और सत्तारूढ़ कांग्रेस विधायक बासनगौड़ा के परिसरों सहित कई स्थानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज एक मामले में कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में लगभग 20 स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी।