फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Every person with a mobile app of NCRB will become the Investigating Officer

एनसीआरबी के एक मोबाइल एप से हर व्यक्ति बन जाएगा इंवेस्टिगेटिंग अफसर 

Wed, 31 Oct 2018 08:33 PM IST
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली   Updated Wed, 31 Oct 2018 08:33 PM IST
विज्ञापन
Every person with a mobile app of NCRB will become the Investigating Officer
एनसीआरबी
आपको भले ही पुलिस या दूसरी जांच एजेंसियों की तरह वर्दी न मिले, लेकिन आप उनकी तरह इन्वेस्टिगेशन करने का शौक पूरा कर सकेंगे। अगर आपके सामने कोई आपराधिक घटना हुई है तो आरोपियों के बारे में पुलिस के आने से पहले आप बहुत कुछ जान जाएंगे। जैसे आरोपियों पर एक क्लिक से उनके बारे में यह पता लगा सकेंगे कि उन्होंने इससे पहले कहां और किस तरह का अपराध किया है। कोई ट्रैफिक नियम तोड़ा है, किसी केस में डिफाल्टर तो नहीं हैं, आदि। यह सब नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के मोबाइल एप से संभव होगा। 2019 में यह सॉफ्टवेयर बन कर तैयार होगा और कोई भी व्यक्ति इसे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड कर सकेगा।
विज्ञापन


एनसीआरबी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. प्रसून गुप्ता का कहना है कि यह प्रोजेक्ट अपराध आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) के दूसरे चरण में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के जरिए संभव होगा। इस प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। आरएफटी (रेशनल फंक्शनल टेस्टर) तैयार है और टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जब किसी व्यक्ति का फोटो खींचकर इस एप पर डाला जाएगा तो चंद सेकेंड में उसका सार्वजनिक डॉटा मोबाइल स्क्रीन पर होगा। 
विज्ञापन


चूंकि देश के सभी 15655 पुलिस थाने, विभिन्न जांच एजेंसी, कोर्ट, परिवहन और 6649 बड़े अधिकारी इस एप से जुड़े रहेंगे, इसलिए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी अविलंब मिल जाएगी। यदि उस व्यक्ति ने कहीं पर कोई भी छोटा-मोटा अपराध किया है, उसका कभी कोई चालान हुआ है, कोर्ट से जुर्माना या भगोड़ा घोषित है तो वह जानकारी भी मात्र उसके फोटो से मिल जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे भी इस नए सिस्टम के साथ जोड़े जाएंगे। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी ज्यादा दूर तक नहीं भाग पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस सिस्टम को देश के सभी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी लगाया जाएगा। इसके अलावा दूसरे सार्वजनिक स्थलों जैसे बड़े चौराहों, मुख्य मार्ग और टोल प्लाजा आदि भी इससे जुड़े रहेंगे। इसका फायदा यह होगा कि कोई भी अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद ज्यादा दूर तक नहीं भाग सकेगा। मसलन, मौके से यदि कोई अपराधी भागेगा तो वह रेल, हवाई जहाज या सड़क मार्ग से ही कहीं पर जाएगा। 


चूंकि उसका फोटो सीसीटीएनएस की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एप पर जैसे ही अपलोड होगा तो तुरंत हर उस व्यक्ति के पास वह फोटो पहुंच जाएगा, जिसके मोबाइल फोन में वह एप होगा। साथ ही उस व्यक्ति का फोटो अगर किसी भी सीसीटीवी कैमरे में भी आ गया तो भी संबंधित पुलिस स्टेशन को वह सूचना मिल जाएगी। वह व्यक्ति जब रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, बस स्टैंड या होटल आदि में जाएगा तो वहां लगा सीसीटीवी उसकी जानकारी तुरंत पुलिस तक और मोबाइल एप वाले सभी लोगों तक चली जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed