Environment: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी विशेषज्ञ बोले - तापमान घटाने के लिए प्रतिवर्ष 9 अरब टन कार्बन कम करना होगा
सीडीआर(स्टेट ऑफ कार्बन रिमूवल) के मुताबिक दुनिया में डेढ़ डिग्री सेल्सियस तापमान सीमित रखने के लिए प्रतिवर्ष सात से नौ अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड को हटाना होगा। 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
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स्टेट ऑफ कार्बन रिमूवल (सीडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार अगर दुनिया को 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान सीमित रखना है तो सदी के मध्य तक प्रतिवर्ष वातावरण से 7 से 9 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ-2) को हटाना होगा। इस संबंध में शोध की अगुवाई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने की है। 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के वैज्ञानिक मूल्यांकन के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है।
हर साल केवर दो अरब टन कार्बन हटाया जा रहा है
रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में सीडीआर द्वारा हर साल मात्र दो अरब टन कार्बन हटाया जा रहा है, जो कि अधिकतर वृक्षारोपण जैसे पारंपरिक तरीकों के माध्यम से किया जाता है। नई सीडीआर विधियां जैसे कि बायोचार, उन्नत रॉक अपक्षय, कार्बन कैप्चर और भंडारण के साथ बायोएनर्जी की मदद से हर साल मात्र 13 लाख टन तक सीओ-2 हटाया जा रहा है जो कि पूरे अनुमान का 0.1% से भी कम है। स्थायी विधियां हर साल केवल छह लाख टन तक हटाने के लिए जिम्मेदार हैं जो कि समग्र का 0.05 फीसदी से भी कम है।
कार्बन हटाने की तकनीकों को बढ़ाते समय भविष्य का ख्याल रखना होगा
रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्बन हटाने की तकनीकों को बढ़ाते समय लोगों को भविष्य की खाद्य सुरक्षा, जैव विविधता, पीने के साफ पानी की आपूर्ति और स्वदेशी लोगों के लिए सुरक्षित आवास जैसे अन्य लक्ष्यों को खतरे में डालने से बचना चाहिए। इसलिए शोधकर्ताओं ने अपने विश्लेषण में स्थिरता मानदंड को शामिल किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दुनिया का डी-कार्बोनाइजेशन पेरिस तापमान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सही दिशा में नहीं है, इसलिए सीडीआर के साथ-साथ सभी स्तरों पर शून्य-उत्सर्जन समाधानों में निवेश बढ़ाना होगा।
हवा में सीओ-2 की बढ़ती मात्रा बड़ी चुनौती
कार्बन, पृथ्वी पर कार्बन चक्र के माध्यम से घूमता है। यह स्वाभाविक रूप से समय के साथ वायुमंडल, महासागर, पौधों और चट्टानों के बीच यात्रा करता है। हम जीवाश्म ईंधन को जलाकर कार्बन चक्र को बदल रहे हैं जो सीओ-2 व मीथेन जैसी ग्रीनहाउस गैसों के रूप में वायुमंडल में अधिक कार्बन भेजता है। हवा में सीओ-2 की बढ़ती मात्रा सबसे बड़ी मौजूदा चुनौती है।
सरकारों को निर्णायक भूमिका निभानी होगी
रिपोर्ट में कहा गया है कि अब सरकारों को सीडीआर को स्थायी रूप से बढ़ाने के लिए परिस्थितियां बनाने में निर्णायक भूमिका निभानी होगी। सरकारों से ऐसी नीतियों को लागू करने का आग्रह किया गया है जिससे कार्बन हटाने की मांग बढ़ेगी। इसमें देशों के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के भीतर सीडीआर नीतियों को शामिल करना, बेहतर निगरानी, रिपोर्टिंग और सत्यापन प्रणाली विकसित करना प्राथमिक आधार पर शामिल होना चाहिए।