जब इंजीनियरिंग कॉलेज के टीचरों को देना पड़ा टेस्ट
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अपने तरीके के अनूठे मामले में महाराष्ट्र के ठाणे में अलामुरी रतनामला इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग ने अपने की कॉलेज के 80 टीचरों का टेस्ट लिया। कॉलेज ने ये कवायद बच्चों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए की है।
कॉलेज प्रशासन ने सबसे अच्छी उत्तर पुस्तिका को बाद में बच्चों को दिखाने के लिए एक अलग बैंक बनाने का भी मन बनाया है। टेस्ट में बैठी टीचर इसरानी ने कहा कि हम बच्चों को पढ़ाने में तो निपुण हैं पर हमारी योग्यता को काफी समय से परखा नहीं गया था।
इस टेस्ट के पीछे सिर्फ टीचरों को और परांगत बनाने का उद्देश्य है। हमारे टेस्ट का फॉर्मेट मुंबई विश्वविधालय ने सेट किया था।
80 फीसद अंक न ला पाने की सूरत में मिलेगी साइड पोस्टिंग
वहीं कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जो टीचर कम से कम 80 फीसद अंक नहीं ला पाएग उसे टीचरी की जगह दूसरी पोस्टिंग दे दी जाएगी, जबतक वह अपना टेस्ट पास नहीं कर लेता।
कॉलेज के डीन दिनेश इसरानी का कहना है कि मैं नहीं चाहता की कोई छात्र आकर मुझे कहे की टीचर को ये नहीं आता वह नहीं आता।
साथ ही जो टीचर एक से अधिक विषय पढ़ाते हैं उन्हें दूसरे पेपर के लिए अगले माह टेस्ट देना होगा।
(Published by Abhishek)