फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Eminent Vaishnav scholar and Barpeta Sattra's Sattradhikar Basistha Deva Sarma died

Assam: वैष्णव मठ के सत्राधिकारी और आध्यात्मिक नेता वशिष्ठ देव सरमा का निधन, राज्यपाल-मुख्यमंत्री ने जताया दुख

Sat, 22 Oct 2022 11:00 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 22 Oct 2022 11:00 PM IST
सार

सरमा के परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। वह वृद्धावस्था की कई बीमारियों से जूझ रहे थे। 15 अक्तूबर को उन्हें जीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। 

विज्ञापन
Eminent Vaishnav scholar and Barpeta Sattra's Sattradhikar Basistha Deva Sarma died
वशिष्ठ देव सरमा का निधन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रख्यात वैष्णव विद्वान और बारपेटा सत्र के सत्राधिकारी वशिष्ठ देव सरमा का शनिवार को निधन हो गया। 84 वर्ष की उम्र में उन्होंने गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) में अंतिम सांस ली। पारिवारिक सूत्रों ने जानकारी दी। 

विज्ञापन


सरमा के परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। वह वृद्धावस्था की कई बीमारियों से जूझ रहे थे। 15 अक्तूबर को उन्हें जीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। 
 
सरमा को प्रतिष्ठित 'श्रीमंत शंकरदेव पुरस्कार' से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा उन्हें कई अन्य सम्मानों से भी सम्मानित किया जा चुका था। वह रत्त्निया संस्कृति के विभिन्न पहलुओं के विशेषज्ञ माने जाते थे। 
विज्ञापन


उन्होंने कई देशों का भी दौरा कर वहां प्रदर्शन किया था। सरमा ने एक स्कूल के शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। साल 1993 में वह डेका (जूनियर) सत्राधिकारी चुने गए। इसके बाद साल 2007 में उन्हें बारपेटा सत्र (वैष्णव मठ) का ब्यूरो सत्राधिकारी चुना गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके निधन पर असम के राज्यपाल जगदीश मुखी ने भी दुख जताया है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा, सरमा एक आध्यात्मिक नेता और एक विद्वान वैष्णव थे, जिन्होंने सत्त्रिया संस्कृति को बढ़ावा देने का काम किया। उन्होंने आगे कहा, उनका निधन राज्य के सामाजिक-सांस्कृति और आध्यात्मिक क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है, लेकिन उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियो के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनी रहेगी। 


मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भी अपना शोक संदेश जारी किया और कहा कि बुरहा सत्राधिकारी ने असम के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जीवन में अमूल्य योगदान दिया है। उनका निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। मैं दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed