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आकलन : ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, अक्तूबर माह के पहले पखवाड़े में बिजली उत्पादन व कोयले के भंडार सुधरे

Mon, 18 Oct 2021 07:33 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 18 Oct 2021 07:33 AM IST
सार

पिछले वर्ष 1 से 15 अक्तूबर तक देश में 5,536 करोड़ यूनिट बिजली की खपत की थी। वह भी साल 2019 की इसी अवधि में हुई 4,966 करोड़ यूनिट खपत से करीब 11 फीसदी अधिक थी। साथ ही 15 अक्तूबर को पीक पावर शॉर्टेज को 986 मेगावाट पर सीमित रखा गया। 

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Electricity production and coal reserves improved in the first fortnight of the October month according to the Ministry of Power
thermal power plant

विस्तार

देश में अक्तूबर के पहले पखवाड़े में 5,722 करोड़ यूनिट बिजली की खपत हुई। यह 2020 की इसी अवधि में हुई खपत से 3.35 फीसदी अधिक है। ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार यह आंकड़े कोयले की कमी के बीच बिजली संयंत्रों में उत्पादन में सुधार के संकेत दे रहे हैं।

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अक्तूबर में 3 फीसदी ज्यादा बिजली खपत
पिछले वर्ष 1 से 15 अक्तूबर तक देश में 5,536 करोड़ यूनिट बिजली की खपत की थी। वह भी साल 2019 की इसी अवधि में हुई 4,966 करोड़ यूनिट खपत से करीब 11 फीसदी अधिक थी। साथ ही 15 अक्तूबर को पीक पावर शॉर्टेज को 986 मेगावाट पर सीमित रखा गया। यह 7 अक्तूबर को 11,626 मेगावाट दर्ज हुआ था, जो इस पखवाड़े के लिए भी सर्वाधिक थी। 
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अब 64 संयंत्रों के पास चार दिन से कम का कोयला, पहले 69 थे ऐसे प्लांट
देश के 135 कोयला आधारित बिजली उत्पादन संयंत्रों में से अब 64 के पास 4 दिन या उससे कम समय के लिए कोयला भंडार बचा है। यह आंकड़े केंद्रीय उर्जा प्राधिकरण (सीईए) ने 13 अक्तूबर के लिए जारी किए। 8 अक्तूबर को ऐसे संयंत्रों की संख्या 69 थी। इसी हफ्ते के शुरू में ऊर्जा मंत्रालय ने बताया था कि कोयला भंडार कम रहने से 12 अक्तूबर को घटी 11 गीगावाट उत्पादन क्षमता सुधार करके 14 अक्तूबर तक 5 किलोवाट पर लाई गई है।
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सितंबर में धीमा सुधार
सितंबर में 11,435 करोड़ यूनिट बिजली खपत हुई, यह पिछले वर्ष के मुकाबले 1.7 प्रतिशत ही अधिक है। हालांकि सितंबर 2019 में 10,751 करोड़ यूनिट के मुकाबले सितंबर 2020 में 11,243 करोड़ यूनिट खपत हुई थी।

  • इस साल धीमे सुधार की वजह सितंबर में हुई भारी बारिश बताई गई है। हालांकि अगस्त 21 में अगस्त 20 के मुकाबले बिजली की खपत 17 प्रतिशत बढ़ गई थी।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार द्वारा कोयला सप्लाई बेहतर करने के लिए उठाए कदमों के बाद उत्पादन व खपत दोनों में सुधार आएगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद से लगातार बढ़ रही आर्थिक गतिविधियों से भी सुधार तेज होंगे।

1.5 करोड़ टन कोयले का आयात, 2.7 फीसदी घटा
अगस्त में 1.52 करोड़ टन कोयला आयात हुआ। यह पिछले साल अगस्त के मुकाबले 2.7 फीसदी घटा है। 2020 की इसी अवधि में करीब 1.57 करोड़ टन कोयला आयात हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की बढ़ती कीमतों को वजह माना जा रहा है। घरेलू उत्पादन तेज होने का भी इसमें योगदान है।

  • भारत में करीब 80 प्रतिशत घरेलू कोयले का उत्पादन करने वाली कोल इंडिया के अनुसार अधिकतर कंपनियां भारतीय कोयले पर निर्भरता बढ़ा रही हैं। इससे घरेलू कोयले की मांग भी बढ़ी है।
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