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भाजपा पर मेहरबान इलेक्टोरल ट्रस्ट, बिल्डर्स और दवा कंपनियां, मिला 400 सौ करोड़ का चंदा
हरेन्द्र, नई दिल्ली
Updated Thu, 22 Nov 2018 07:28 PM IST
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BJP
- फोटो : BJP
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सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को साल 2017-18 में 400 करोड़ रुपए का चंदा मिला है। चुनाव आयोग को सौंपे चंदे के ब्यौरे में भाजपा ने यह खुलासा किया है कि उसे सबसे ज्यादा चंदा इलेक्टोरल ट्रस्ट, बिल्डर्स और दवा कंपनियों से मिला है। वहीं प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस को 2017-18 में मात्र 26 करोड़ का चंदा मिला।
चुनाव आयोग को सौंपे ब्यौरे में भाजपा ने बताया है कि प्रूडेंट इलैक्टोरल ट्रस्ट ने उसे 144 करोड़ का चंदा दिया है। यह चंदा 16 बार में दिया गया। सबसे ज्यादा चंदा 23 अक्टूबर 2017 को 25 करोड़ रुपए दिया गया। 31 जनवरी, 2018 को ट्रस्ट ने 20 करोड़ का चंदा भाजपा को दिया। अकेले मार्च में ही 10 दिन के अंतराल में दो बार 5-5 करोड़ रुपए के चंदे के चेक जारी किए गए।
वहीं, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने कांग्रेस को दो बार में साढ़े 5 करोड़ का चंदा दिया। खास बात यह है कि कांग्रेस को ट्रस्ट ने यह चंदा 2017 में ही जारी किया, वहीं 2018 में ट्रस्ट ने कांग्रेस को कोई दानराशि नहीं दी। कांग्रेस के चंदे के ब्यौरे के मुताबिक ट्रस्ट ने 23 अक्टूबर, 2017 को 2.5 करोड़ और 21 नवंबर, 2017 को 3 करोड़ की चंदे की राशि जारी की।
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निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस-भाजपा समेत सभी दलों की सालाना लेखा रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि यह केवल दानदाताओं से मिली राशि की रिपोर्ट है, भाजपा की सालाना इनकम टैक्स रिपोर्ट के अलावा बैलेंस शीट में यह राशि एक हजार करोड़ से ऊपर पहुंच सकती है।
देश के सबसे बड़े प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट का पुराना नाम सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट था। पिछले लोकसभा चुनावों में इसने 85.4 करोड़ रुपए जुटाए थे। वहीं साल 2017 में इस ट्रस्ट ने रिकॉर्ड 283.73 करोड़ रुपये जुटाए थे। जबकि इस साल कुल 169 करोड़ रुपए जुटाए। इस ट्रस्ट को पहले भारती ग्रुप 33 कंपनियों का समर्थन हासिल था। बाद में ट्रस्ट का नाम बदलकर प्रूडेंट कर दिया गया।
भाजपा की रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्टोरल ट्रस्ट के अलावा दवा निर्माता कंपनियों में कैडिला हेल्थकेयर ने 13 करोड़, माइक्रो लैब्स ने 9 करोड़, यूएस विटामिन्स ने भी 9 करोड़, सिपला ने 9 करोड़, अलेंबिक फार्मा ने 6 करोड़ रुपए की दानराशि दी। वहीं कैडिला हेल्थ केयर ने 6 नवंबर, 2017 को कांग्रेस को 2 करोड़ रुपए चंदे का चेक जारी किया।
इसके अलावा कई नामी-गिरमी रियल इस्टेट डेवलेपर्स और बिल्डर्स ने भी भाजपा को जमकर चंदे की बरसात की। अंसल हाउसिंग ने 50 लाख रुपए, लोधा डेवलेपर्स ने 6.5 करोड़, रहेजा डेवलपर्स ने 2 करोड़, कुमार इंफ्रास्ट्रक्चर ने 5 करोड़, रारे इंटरप्राइजेज ने 9 करोड़ और राजकमल बिल्डर्स ने तकरीबन 2.5 करोड़ का चंदा दिया। इसके अलावा चंदा देने वालों में कई छोटे बिल्डर्स की लंबी फेहरिस्त है। दानदाताओं ने भाजपा को गाड़ियां भी गिफ्ट की हैं। नागालैंड के सौउबौऊ रियो ने भाजपा को 6 महिन्द्रा बोलेरो गाड़ियां भी गिफ्ट की है, हालांकि किस तारीख में यह गाड़ियां दी गईं, इसका कोई जिक्र सूची में नहीं हैं।
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चुनाव आयोग को सौंपे ब्यौरे में भाजपा ने बताया है कि प्रूडेंट इलैक्टोरल ट्रस्ट ने उसे 144 करोड़ का चंदा दिया है। यह चंदा 16 बार में दिया गया। सबसे ज्यादा चंदा 23 अक्टूबर 2017 को 25 करोड़ रुपए दिया गया। 31 जनवरी, 2018 को ट्रस्ट ने 20 करोड़ का चंदा भाजपा को दिया। अकेले मार्च में ही 10 दिन के अंतराल में दो बार 5-5 करोड़ रुपए के चंदे के चेक जारी किए गए।
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वहीं, प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट ने कांग्रेस को दो बार में साढ़े 5 करोड़ का चंदा दिया। खास बात यह है कि कांग्रेस को ट्रस्ट ने यह चंदा 2017 में ही जारी किया, वहीं 2018 में ट्रस्ट ने कांग्रेस को कोई दानराशि नहीं दी। कांग्रेस के चंदे के ब्यौरे के मुताबिक ट्रस्ट ने 23 अक्टूबर, 2017 को 2.5 करोड़ और 21 नवंबर, 2017 को 3 करोड़ की चंदे की राशि जारी की।
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निर्वाचन आयोग के सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस-भाजपा समेत सभी दलों की सालाना लेखा रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उन्होंने बताया कि यह केवल दानदाताओं से मिली राशि की रिपोर्ट है, भाजपा की सालाना इनकम टैक्स रिपोर्ट के अलावा बैलेंस शीट में यह राशि एक हजार करोड़ से ऊपर पहुंच सकती है।
देश के सबसे बड़े प्रूडेंट इलेक्टोरल ट्रस्ट का पुराना नाम सत्य इलेक्टोरल ट्रस्ट था। पिछले लोकसभा चुनावों में इसने 85.4 करोड़ रुपए जुटाए थे। वहीं साल 2017 में इस ट्रस्ट ने रिकॉर्ड 283.73 करोड़ रुपये जुटाए थे। जबकि इस साल कुल 169 करोड़ रुपए जुटाए। इस ट्रस्ट को पहले भारती ग्रुप 33 कंपनियों का समर्थन हासिल था। बाद में ट्रस्ट का नाम बदलकर प्रूडेंट कर दिया गया।
भाजपा की रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्टोरल ट्रस्ट के अलावा दवा निर्माता कंपनियों में कैडिला हेल्थकेयर ने 13 करोड़, माइक्रो लैब्स ने 9 करोड़, यूएस विटामिन्स ने भी 9 करोड़, सिपला ने 9 करोड़, अलेंबिक फार्मा ने 6 करोड़ रुपए की दानराशि दी। वहीं कैडिला हेल्थ केयर ने 6 नवंबर, 2017 को कांग्रेस को 2 करोड़ रुपए चंदे का चेक जारी किया।
इसके अलावा कई नामी-गिरमी रियल इस्टेट डेवलेपर्स और बिल्डर्स ने भी भाजपा को जमकर चंदे की बरसात की। अंसल हाउसिंग ने 50 लाख रुपए, लोधा डेवलेपर्स ने 6.5 करोड़, रहेजा डेवलपर्स ने 2 करोड़, कुमार इंफ्रास्ट्रक्चर ने 5 करोड़, रारे इंटरप्राइजेज ने 9 करोड़ और राजकमल बिल्डर्स ने तकरीबन 2.5 करोड़ का चंदा दिया। इसके अलावा चंदा देने वालों में कई छोटे बिल्डर्स की लंबी फेहरिस्त है। दानदाताओं ने भाजपा को गाड़ियां भी गिफ्ट की हैं। नागालैंड के सौउबौऊ रियो ने भाजपा को 6 महिन्द्रा बोलेरो गाड़ियां भी गिफ्ट की है, हालांकि किस तारीख में यह गाड़ियां दी गईं, इसका कोई जिक्र सूची में नहीं हैं।