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Election 2024: इन बलों की निगरानी में रहेंगी 55 लाख ईवीएम, स्ट्रांग रूम की हिफाजत करेंगे केंद्रीय अर्धसैनिक बल

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 16 Mar 2024 05:41 PM IST
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सार
भारतीय निर्वाचन आयोग के मुताबिक, चुनाव संपन्न कराने की पूर्ण प्रक्रिया की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस के पास रहेगी। केंद्रीय बल, स्थानीय पुलिस की मदद के लिए तैयार रहेंगे। जहां कहीं भी चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने की आशंका नजर आएगी, वहां पर तुरंत केंद्रीय बलों को रवाना कर दिया जाएगा...
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Election 2024: 55 lakh EVM will be under the surveillance of central paramilitary forces
Election 2024: EVM strong room - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

देश में लोकसभा की 543 सीटों के लिए सात चरणों में चुनाव संपन्न होगा। पहले चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा और एक जून को सातवें चरण के तहत वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती चार जून को होगी। लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ वोटर हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में 10.5 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और बिना किसी बाधा के चुनावी प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए चार लाख वाहनों का इस्तेमाल होगा। खास बात यह है कि पोलिंग स्टेशन और उसके रूट का मुआयना करने के लिए केंद्रीय बल एवं स्टेट आर्म्ड पुलिस, कई दिन पहले ही संबंधित क्षेत्र में पहुंच जाएंगे। इस चुनाव में 55 लाख ईवीएम का इस्तेमाल होगा। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी, केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीएपीएफ' और स्टेट आर्म्ड पुलिस 'एसएपी' को दी गई है। इतना ही नहीं, वीपीपैट और स्ट्रांग रूम की हिफाजत का दायित्व भी उक्त दोनों बलों के पास रहेगा। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भारतीय निर्वाचन आयोग के मुताबिक, चुनाव संपन्न कराने की पूर्ण प्रक्रिया की जिम्मेदारी केंद्रीय बलों और स्थानीय पुलिस के पास रहेगी। केंद्रीय बल, स्थानीय पुलिस की मदद के लिए तैयार रहेंगे। जहां कहीं भी चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने की आशंका नजर आएगी, वहां पर तुरंत केंद्रीय बलों को रवाना कर दिया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा, यह चुनाव आयोग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि देश में लोकसभा चुनाव, पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

इसके लिए पर्याप्त संख्या में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। लोगों को किसी तरह का कोई भय न हो, वे निष्पक्ष तरीके से मतदान करें, इसके लिए केंद्रीय बलों को चुनाव से कई दिन पहले ही उनके क्षेत्रों में तैनात कर दिया जाएगा। समाज के कमजोर वर्गों, अल्पसंख्यकों एवं दूसरे समुदायों का भरोसा, निर्वाचन प्रणाली में बना रहे, इसके लिए केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं। ये बल, लोगों के बीच जाकर ऐसा माहौल तैयार करते हैं, जिससे लोगों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदान करने की प्रेरणा मिले। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर चुनाव अधिकारी की सलाह से केंद्रीय बल, मार्च कर सकते हैं।

पोलिंग स्टेशन और वहां पर वोट डालने के लिए आने वाले वोटरों की सुरक्षा की जिम्मेदारी, केंद्रीय बलों एवं एसएपी की रहेगी। मतदान के बाद स्ट्रांग रूम, जहां पर ईवीएम/वीवीपैट रखे जाएंगे, उसकी पूर्ण सुरक्षा के लिए खास दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। यहां पर शिफ्टवाइज ड्यूटी दी जाएगी। 'सीएपीएफ' और 'एसएपी' के जवान, एक पल के लिए भी स्ट्रांग रूम से इधर-उधर नहीं होंगे। मतदान केंद्र एवं स्ट्रांग रूम, यहां पर कितनी संख्या में केंद्रीय बल/एसएपी तैनात होंगे, यह निर्णय चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक करेंगे। केंद्रीय बलों और राज्य पुलिस के बीच बेहतर तालमेल रहे, इसके लिए चुनाव आयोग ने सीईओ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया है। इस कमेटी में स्टेट पुलिस नोडल अफसर और स्टेट सीएपीएफ कोआर्डिनेटर भी शामिल होंगे। ये संयुक्त रूप से स्टेट डेप्लॉयमेंट प्लान तैयार करेंगे।

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