{"_id":"580544fc4f1c1bac2d7034a2","slug":"each-rss-volunteer-has-courage-to-do-surgical-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"'आरएसएस के एक-एक स्वयंसेवक में सर्जिकल स्ट्राइक करने की हिम्मत'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
'आरएसएस के एक-एक स्वयंसेवक में सर्जिकल स्ट्राइक करने की हिम्मत'
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मथुरा
Updated Tue, 18 Oct 2016 03:09 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर छिड़ी बहस में अब संघ भी कूद गया है। आरएसएस के प्रचार प्रमुख ने कहा कि आरएसएस का एक-एक स्वयंसेवक सर्जिकल स्ट्राइक करने की हिम्मत रखता है। फैसले लेने की क्षमता भी संघ से जुड़कर बढ़ती है। उन्होंने कहा कि लड़ाई शस्त्रों से नहीं बल्कि हिम्मत से होती है।
आरएसएस में ब्रज, मेरठ और उत्तराखंड प्रांत के प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि आरएसएस के एक-एक स्वयंसेवक को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है। बगैर हथियार के सामने वाले को किस तरह से परास्त किया जा सकता है इसके टिप्स हम शाखाओं के जरिए सिखाते हैं। चाहे जूडो-कराटे हो या फिर लट्ठ चलाना। हर स्वयंसेवक को बारीकियां सिखाई जाती हैं। आरएसएस से जुड़े रहने वाले हर शख्स में आत्मविश्वास तो कूट-कूटकर भर जाता है। हालात चाहे जो भी हो वह उनका सामना करने को तैयार रहता है।
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर छिड़े सियासी घमासान पर संघ प्रचारक ने बताया कि फैसला लेना भी बहुत बड़ी चीज होती है। पूरा आपरेशन तो हमारे जवानों ने ही किया है। वह तो सबसे बड़े योद्धा हैं ही लेकिन दुश्मन मुल्क को तत्काल जवाब देने का निर्णय लेने वाला भी किसी विजेता से कम नहीं होता है। आरएसएस जो भी ट्रेनिंग कैंप चलाता है उसमें यही प्रशिक्षण दिया जाता है कि खुद को नुकसान पहुंचाए बगैर दुश्मन को किस तरह से परास्त करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
आरएसएस में ब्रज, मेरठ और उत्तराखंड प्रांत के प्रचार प्रमुख पदम सिंह ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि आरएसएस के एक-एक स्वयंसेवक को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है। बगैर हथियार के सामने वाले को किस तरह से परास्त किया जा सकता है इसके टिप्स हम शाखाओं के जरिए सिखाते हैं। चाहे जूडो-कराटे हो या फिर लट्ठ चलाना। हर स्वयंसेवक को बारीकियां सिखाई जाती हैं। आरएसएस से जुड़े रहने वाले हर शख्स में आत्मविश्वास तो कूट-कूटकर भर जाता है। हालात चाहे जो भी हो वह उनका सामना करने को तैयार रहता है।
विज्ञापन
सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर छिड़े सियासी घमासान पर संघ प्रचारक ने बताया कि फैसला लेना भी बहुत बड़ी चीज होती है। पूरा आपरेशन तो हमारे जवानों ने ही किया है। वह तो सबसे बड़े योद्धा हैं ही लेकिन दुश्मन मुल्क को तत्काल जवाब देने का निर्णय लेने वाला भी किसी विजेता से कम नहीं होता है। आरएसएस जो भी ट्रेनिंग कैंप चलाता है उसमें यही प्रशिक्षण दिया जाता है कि खुद को नुकसान पहुंचाए बगैर दुश्मन को किस तरह से परास्त करना चाहिए।
विज्ञापन