{"_id":"5a4d4a684f1c1bee6a8b77b9","slug":"due-to-fog-delay-in-flying-more-than-trains-railway-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोहरे के कारण ट्रेनों से ज्यादा उड़ान में देरी : रेलमंत्री","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
कोहरे के कारण ट्रेनों से ज्यादा उड़ान में देरी : रेलमंत्री
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Thu, 04 Jan 2018 02:56 AM IST
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रेलमंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : ANI
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रेल मंत्री पीयुष गोयल ने कहा है कि कोहरे के कारण रेलगाडिय़ां कम उड़ानें अधिक देरी से चल रही हैं। गोयल ने कहा कि कोहरे की समस्या गंभीर है और इससे निपटने के लिए रेलवे की ओर से निरंतर प्रयास जारी है। लोकसभा में एक प्रश्न केजवाब में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह जरूर है कि कोहरे के कारण रेलगाडिय़ां देरी से चल रही हैं लेकिन उड़ानें अधिक देरी से चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोहरे की समस्या गंभीर है। इससे निपटने के लिए प्रयास लगातार जारी है। रेल मंत्री ने ट्रेनों के देरी केलिए पुराने सिग्नल सिस्टम को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सिग्नल सिस्टम पुराना है। पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिग्नल सिस्टम को कंप्यूटरीकृत करने का प्रयास जारी है। वहीं फ्लेक्सी फेयर केबारे में रेल मंत्री ने कहा कि इस पर विचार के लिए आठ सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।
पढ़ें- रेल मंत्री ने दिए संकेत- एयरलाइंस की तरह जल्द रेल टिकटों पर भी मिलेंगे लुभावने ऑफर
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उन्होंने कहा कि यात्रियों और रेलवे के हितों को ध्यान अवश्य रखा जाएगा। गोयल ने कहा कि फ्लेक्सी फेयर महज 146 रेलगाडिय़ों में हैं। यानी महज 0.22 फीसदी यात्रियों पर इसका प्रभाव है। उन्होंने इसे अल्पकालीन कष्ट बताया और कहा कि दीर्घकाल में इसका फायदा होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कि ऑफ सीजन में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को दुरूस्त करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की दरकार है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में रेलवे में ऐतिहासिक निवेश हुआ है। इस वर्ष 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये रेलवे पर खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में रेलवे पर जितना निवेश होने चाहिए थे उतने नहीं हुए। यहीं कारण है कि रेलवे के समक्ष परेशानी है।
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उन्होंने कहा कि कोहरे की समस्या गंभीर है। इससे निपटने के लिए प्रयास लगातार जारी है। रेल मंत्री ने ट्रेनों के देरी केलिए पुराने सिग्नल सिस्टम को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में सिग्नल सिस्टम पुराना है। पूरी व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सिग्नल सिस्टम को कंप्यूटरीकृत करने का प्रयास जारी है। वहीं फ्लेक्सी फेयर केबारे में रेल मंत्री ने कहा कि इस पर विचार के लिए आठ सदस्यीय एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।
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उन्होंने कहा कि यात्रियों और रेलवे के हितों को ध्यान अवश्य रखा जाएगा। गोयल ने कहा कि फ्लेक्सी फेयर महज 146 रेलगाडिय़ों में हैं। यानी महज 0.22 फीसदी यात्रियों पर इसका प्रभाव है। उन्होंने इसे अल्पकालीन कष्ट बताया और कहा कि दीर्घकाल में इसका फायदा होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कि ऑफ सीजन में छूट पर भी विचार किया जा रहा है।
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को दुरूस्त करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की दरकार है।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में रेलवे में ऐतिहासिक निवेश हुआ है। इस वर्ष 1 लाख 20 हजार करोड़ रुपये रेलवे पर खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व के वर्षों में रेलवे पर जितना निवेश होने चाहिए थे उतने नहीं हुए। यहीं कारण है कि रेलवे के समक्ष परेशानी है।