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पत्रकार पर कार चढ़ाने वाले नशेड़ी आईएएस को हाईकोर्ट से भी मिली राहत
Thu, 08 Aug 2019 05:18 AM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Thu, 08 Aug 2019 05:18 AM IST
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केरल हाईकोर्ट
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केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को एक मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसमें केरल कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी श्रीराम वेंकटरमन को जमानत देने के निर्देश दिए गए थे। श्रीराम पर नशे की हालत में कार चलाते हुए एक पत्रकार की जान लेने का आरोप है। जस्टिस राजा विजय राघवन की पीठ ने केरल सरकार की याचिका पर वेंकटरमन को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
तिरुवनंतपुरम की न्यायिक प्रथम श्रेणी अदालत ने श्रीराम को इस मामले में मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके खिलाफ केरल सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस समय तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे श्रीराम के खून के नमूनों की जांच में एल्कोहल की मात्रा नेगेटिव पाई गई थी। इसके बाद पुलिस के केस डायरी जमा करने पर अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। अपनी अपील में केरल सरकार ने आरोप लगाया है कि 32 वर्षीय श्रीराम ने पुलिस को गुमराह करने और अपने शराब पीने के सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की है।
सरकार की तरफ से तिरुवनंतपुरम पुलिस के नारकोटिक्स सेल के असिस्टेंट कमिश्नर ने अपील दाखिल की है, जिसमें कहा है कि जांच अभी प्राथमिक चरण में है और ऐसे में श्रीराम को जमानत देना उचित नहीं है। श्रीराम को 3 अगस्त की रात में एक निजी पार्टी में शामिल होने के बाद अपनी दोस्त वफा की लक्जरी कार को चलाकर वापस लौटने के कुछ घंटे बाद नशे की स्थिति में गिरफ्तार किया गया था। श्रीराम ने कार से एक मलयालम दैनिक के 35 वर्षीय पत्रकार के. मुहम्मद बशीर को टक्कर मारी थी, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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तिरुवनंतपुरम की न्यायिक प्रथम श्रेणी अदालत ने श्रीराम को इस मामले में मंगलवार को जमानत दे दी थी, जिसके खिलाफ केरल सरकार ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस समय तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहे श्रीराम के खून के नमूनों की जांच में एल्कोहल की मात्रा नेगेटिव पाई गई थी। इसके बाद पुलिस के केस डायरी जमा करने पर अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। अपनी अपील में केरल सरकार ने आरोप लगाया है कि 32 वर्षीय श्रीराम ने पुलिस को गुमराह करने और अपने शराब पीने के सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की है।
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सरकार की तरफ से तिरुवनंतपुरम पुलिस के नारकोटिक्स सेल के असिस्टेंट कमिश्नर ने अपील दाखिल की है, जिसमें कहा है कि जांच अभी प्राथमिक चरण में है और ऐसे में श्रीराम को जमानत देना उचित नहीं है। श्रीराम को 3 अगस्त की रात में एक निजी पार्टी में शामिल होने के बाद अपनी दोस्त वफा की लक्जरी कार को चलाकर वापस लौटने के कुछ घंटे बाद नशे की स्थिति में गिरफ्तार किया गया था। श्रीराम ने कार से एक मलयालम दैनिक के 35 वर्षीय पत्रकार के. मुहम्मद बशीर को टक्कर मारी थी, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
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