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DRDO: डीआरडीओ ने किया अत्याधुनिक मानव रहित विमान का सफल परीक्षण, जानें तपस यूएवी की खास बातें
Thu, 08 Dec 2022 01:12 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 08 Dec 2022 01:12 PM IST
सार
भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में उसने ड्रोन, मिसाइल समेत अत्याधुनिक प्रणाली को विकसित किया है। अब इसमें तपस का नाम भी शामिल हो गया है जो एक अत्याधुनिक मानव रहित विमान है।
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TAPAS-BH-201
- फोटो : Social Media
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विस्तार
तपस अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) ने 18 घंटे का उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसे डीआरडीओ के प्रमुख रिसर्च लेबोरेटरी एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (एडीई) के द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। डीआरडीओ ने एक बयान में बताया कि इस परीक्षण को बुधवार को चित्रदुर्ग (कर्नाटक) स्थित एयरोनॉटिकल टेस्ट रेंज में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
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यह एक मानव रहित विमान है। आने वाले समय में बिना पायलट के चलने वाले विमानों के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में उसने ड्रोन, मिसाइल समेत अत्याधुनिक प्रणाली को विकसित किया है। अब इसमें तपस का नाम भी शामिल हो गया है जो एक अत्याधुनिक मानव रहित विमान है। एडीई ने इसे अमेरिका के जनरल एटॉमिक्स एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन की तर्ज पर बनाया है। तपस-बीएच-201 ने साल 2016 को कर्नाट के चित्रदुर्ग जिले में बेंगलुरु से दो किमीटर दूर चल्लकेरे में पहली उड़ान भरी थी।
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यह ड्रोन 350 किलोग्राम के पेलोड के साथ उड़ान भर सकता है। तपस बीएच की लंबाई 9.5 मीटर और चौड़ाई 20.6 मीटर है। इसका वजन 1800 किलोग्राम है। तपस ड्रोन में डीआरडीओ के व्हीकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टेबलिशमेंट के बनाए स्वदशी इंजन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें प्रत्येक इंजन 130 किलोवॉट की ताकत दे सकता है। तपस बीएच 201 ड्रोन एक हजार किलोमीटर की रेंज में निगरानी और हमला कर सकता है।
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इसके अलावा यह 224 किमी प्रति घंटे की स्पीड से उड़ सकता है। यह ड्रोन 35 हजार फीट की ऊंचाई पर चौबीस घंटे टिका रह सकता है। तपस विदेशों स खरीदे गए ड्रोन से करीब आठ गुना सस्था भी है।