{"_id":"63eb746c4c0ea79c2c02aba7","slug":"drdo-23-mission-mode-projects-delayed-center-informed-in-rajya-sabha-news-and-updates-2023-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"DRDO: डीआरडीओ की 55 परियोजनाओं में 23 हुईं लेटलतीफ, केंद्र ने राज्यसभा में दी जानकारी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
DRDO: डीआरडीओ की 55 परियोजनाओं में 23 हुईं लेटलतीफ, केंद्र ने राज्यसभा में दी जानकारी
Tue, 14 Feb 2023 05:16 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 14 Feb 2023 05:16 PM IST
सार
डीआडीओ ने जनवरी 2018 से फरवरी 2023 के दौरान 35 मिशन मोड परियोजनाओं को पूरा किया है।
विज्ञापन
डीआरडीओ
- फोटो : facebook.com/DPIDRDO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) इस समय 55 मिशन मोड परियोजनाओं पर काम कर रहा है, लेकिन उसकी आधे से अधिक परियोजनाएं लेटलतीफी का शिकार हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार ने दी।
विज्ञापन
राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कहा, डीआरडीओ की 23 मिशन मोड परियोजनाओं में देरी हो रही है। इन विलंबित परियोजनाओं में एयर ड्रॉपेबल कंटेनर, सिम्युलेटर, टैक्टिकल रेडियो, लाइट मशीन गन, एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन सिस्टम, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Mk-2 (तेजस), टॉरपीडो, नेवल LCA, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, लड़ाकू विमान और जहाज के लिए इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, उन्नत टोड आर्टिलरी गन सिस्टम और मानव रहित हवाई वाहन शामिल हैं।
विज्ञापन
परियोजना में देरी को दूर करेगी सरकार
रक्षा राज्यमंत्री ने राज्यसभा में कहा, परियोजनाओं में देरी को दूर करने के लिए इनकी समीक्षा, सेवाओं और उत्पादन में बढ़ावा जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया, इन परियोजनाओं में से 12 की लागत बढ़ा दी गई है। इस दौरान उन्होंने बताया, डीआडीओ ने जनवरी 2018 से फरवरी 2023 के दौरान 35 मिशन मोड परियोजनाओं को पूरा किया है।
विज्ञापन
देश में ही बनेंगे हल्के लड़ाकू विमानों के इंजन : डीआरडीओ
डीआरडीओ अध्यक्ष डॉ. समीर कामत ने बताया है कि हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए) के इंजन भारत में ही बनाने के लिए वार्ता जारी है। इंजन विनिर्माता कंपनियों के साथ इसे विकसित किया जाएगा, इससे भारत में एलसीए निर्माण में भी मदद मिलेगी।
कामत का यह बयान ऐसे समय में आया, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत जल्द ही एलसीए का स्वदेश में निर्माण करने लगेगा। डॉ. कामत ने बताया कि आधुनिक मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) मार्क 2 के इंजन के निर्माण के लिए फ्रांस की सफ्रान, अमेरिका की जीई और ब्रिटेन में रोल्स रॉयस कंपनियों से बातचीत चल रही है। कहा, एलसीए मार्क 2 साल 2028 तक सेना में शामिल करने लिए तैयार होगा।
वहीं एएमसीए के पहले चरण की पहली उड़ान में 7 वर्ष और सेना में शामिल करने में आज से 10 साल तक लग सकते हैं। हालांकि नये इंजन के साथ एएमसीए मार्क 2 के लिए समय सीमा तय नहीं हो की, इसके सह-विकास के लिए मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) से डील पर हस्ताक्षर होने बाकी हैं। एलसीए मार्क 2 में जीई-414 इंजन उपयोग होंगे। इसके लिए कंपनी जीई से चर्चा हो रही है, उसने रुचि दिखाई है। काम ने कहा कि वे अमेरिकी सरकार से कंपनी को सहमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं ताकि भारत में इनका निर्माण हो सके।
हमारी हथियार प्रणाली श्रेष्ठ के समकक्ष
बंगलूरू में जारी आयोजन में तपस ड्रोन के प्रदर्शन पर कामत ने कहा कि यह 15 हजार फीट ऊंचाई पर उड़ा। साथ ही यूएवी आर्चर प्रदर्शित हुआ, जिसमें हथियार लगाए जा सकते हैं। डीआरडीओ जल्द ही बेहद कम रेंज की पहली ट्रायपॉड-फायर्ड वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने जा रही है। इसके कंधे से दागे जा सकने वाले वर्जन पर सेना ने सहमति दे दी है। उन्होंने दावा किया कि डीआरडीओ द्वारा विकसित स्वदेशी हथियार प्रणाली श्रेष्ठ के समकक्ष है।