वेंकैया नायडू बोले: कोरोना संक्रमण में आई कमी, लेकिन सुरक्षा का रखें पूरा ध्यान
नेशनल वॉश कॉन्क्लेव-2022 का उद्घाटन करने के बाद उपराष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों को ऐसे वातावरण में बड़ा होना चाहिए जो शारीरिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ हो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को बीमारियों को रोकने और लोगों की भलाई में सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यह भी आगाह किया कि कोविड-19 महामारी संक्रमण में कमी के साथ लोगों को अपनी सुरक्षा को कम नहीं करना चाहिए और बार-बार हाथ धोने की आदत को जारी रखना चाहिए। चेन्नई से वर्चुअल रूप से नेशनल वॉश कॉन्क्लेव-2022 का उद्घाटन करने के बाद इसे संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों को ऐसे वातावरण में बड़ा होना चाहिए जो शारीरिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ हो।
उपराष्ट्रपति सचिवालय के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इसके लिए वह आंगनवाड़ियों और प्राथमिक विद्यालयों से सुरक्षित पानी, स्वच्छता और स्वच्छ प्रथाओं जैसे निवारक स्वास्थ्य उपायों को शुरू करना चाहते हैं। जल, स्वच्छता पर तीन दिवसीय वर्चुअल कॉन्क्लेव का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) हैदराबाद द्वारा जल शक्ति मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, यूनिसेफ और के सहयोग से किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव, ग्राम पंचायतों में पानी, स्वच्छता और स्वच्छता को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। यह देखते हुए कि ग्राम पंचायतों के लिए वॉश (WASH) एजेंडा को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे ग्रामीण जलापूर्ति के मूल में हैं। नायडू ने कहा कि यह शासन का एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर मैं हमेशा जोर देता हूं कि हर क्षेत्र में सेवाओं की पहुंच विकास के चहुंमुखी विकास की कुंजी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि प्रत्येक घर को सभी बुनियादी सुविधाएं मिलें।