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Tamil Nadu: 'भारत एक राष्ट्र नहीं, हम सब राम के दुश्मन', अपने विवादित बयान पर बुरे फंसे द्रमुक नेता ए. राजा
Tue, 05 Mar 2024 02:49 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 05 Mar 2024 02:49 PM IST
सार
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में बहुत सारी परंपराएं और संस्कृतियां हैं। अगर आप तमिलनाडु की तरफ जाएंगे तो वहां की एक संस्कृति है। केरल की अपनी एक संस्कृति है, दिल्ली और ओडिशा की अपनी अलग संस्कृति है।
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ए. राजा।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
डीएमके नेता ए. राजा भारत और सनातन को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण विवादों में फंस गए हैं। दरअसल, उन्होंने अपने बयान में कहा, 'भारत एक राष्ट्र है ही नहीं. इस बात को अच्छे से समझ लें. भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं. भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।
ए. राजा का यह बयान तब आया, जब चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सनातन विरोधी बयानबाजी पर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को कहा, "आपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अब आप राहत मांग रहे हैं. आप आम आदमी नहीं हैं, राजनेता हैं।"
ए. राजा का पूरा बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा ने भारत को एक राष्ट्र नहीं बल्कि उपमहाद्वीप बताया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें रामायण और महाभारत पर भरोसा नहीं है। ए. राजा ने अपने विवादित बयान में कहा, भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं। एक राष्ट्र का अर्थ है एक भाषा, एक परंपरा और एक संस्कृति, तभी यह एक राष्ट्र होता है। भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।
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उन्होंने आगे कहा, "यहां तमिल एक राष्ट्र और एक देश है। मलयालम एक भाषा, एक राष्ट्र और एक देश है। उड़िया एक राष्ट्र, एक भाषा और एक देश है। ये सभी राष्ट्र मिलकर भारत बनाते हैं तो भारत देश नहीं है, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में बहुत सारी परंपराएं और संस्कृतियां हैं। अगर आप तमिलनाडु की तरफ जाएंगे तो वहां की एक संस्कृति है। केरल की अपनी एक संस्कृति है, दिल्ली और ओडिशा की अपनी अलग संस्कृति है। उन्होंने आगे कहा, "इसी तरह कश्मीर में भी एक संस्कृति है। इसे स्वीकार करें। मणिपुर में लोग कुत्ते का मांस खाते हैं, इस बात को स्वीकार करें। यदि कोई समुदाय गोमांस खाता है तो आपको क्या समस्या है? क्या उन्होंने आपसे खाने के लिए कहा? इसलिए अनेकता में एकता होने के बाद भी हमारे बीच मतभेद हैं। इसे स्वीकार करें।"
बंदर से की हनुमान की तुलना
डीएमके नेता ए. राजा ने कहा, "अगर आप कहेंगे कि ये आपके भगवान हैं और भारत माता की जय तो हम उस भगवान और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम सब राम के शत्रु हैं।" उन्होंने कहा कि वह रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। उन्होंने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए 'जय श्री राम' के नारे को घृणास्पद बताया है।
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ए. राजा का यह बयान तब आया, जब चार मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को के बेटे उदयनिधि स्टालिन को सनातन विरोधी बयानबाजी पर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को कहा, "आपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया और अब आप राहत मांग रहे हैं. आप आम आदमी नहीं हैं, राजनेता हैं।"
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ए. राजा का पूरा बयान
पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा ने भारत को एक राष्ट्र नहीं बल्कि उपमहाद्वीप बताया है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें रामायण और महाभारत पर भरोसा नहीं है। ए. राजा ने अपने विवादित बयान में कहा, भारत कभी एक राष्ट्र था ही नहीं। एक राष्ट्र का अर्थ है एक भाषा, एक परंपरा और एक संस्कृति, तभी यह एक राष्ट्र होता है। भारत एक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।
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उन्होंने आगे कहा, "यहां तमिल एक राष्ट्र और एक देश है। मलयालम एक भाषा, एक राष्ट्र और एक देश है। उड़िया एक राष्ट्र, एक भाषा और एक देश है। ये सभी राष्ट्र मिलकर भारत बनाते हैं तो भारत देश नहीं है, बल्कि एक उपमहाद्वीप है।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में बहुत सारी परंपराएं और संस्कृतियां हैं। अगर आप तमिलनाडु की तरफ जाएंगे तो वहां की एक संस्कृति है। केरल की अपनी एक संस्कृति है, दिल्ली और ओडिशा की अपनी अलग संस्कृति है। उन्होंने आगे कहा, "इसी तरह कश्मीर में भी एक संस्कृति है। इसे स्वीकार करें। मणिपुर में लोग कुत्ते का मांस खाते हैं, इस बात को स्वीकार करें। यदि कोई समुदाय गोमांस खाता है तो आपको क्या समस्या है? क्या उन्होंने आपसे खाने के लिए कहा? इसलिए अनेकता में एकता होने के बाद भी हमारे बीच मतभेद हैं। इसे स्वीकार करें।"
बंदर से की हनुमान की तुलना
डीएमके नेता ए. राजा ने कहा, "अगर आप कहेंगे कि ये आपके भगवान हैं और भारत माता की जय तो हम उस भगवान और भारत माता को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। हम सब राम के शत्रु हैं।" उन्होंने कहा कि वह रामायण और भगवान राम पर विश्वास नहीं है। उन्होंने भगवान हनुमान की तुलना बंदर से करते हुए 'जय श्री राम' के नारे को घृणास्पद बताया है।