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2019 लोकसभा चुनाव के लिए पार्टियों में सोशल मीडिया पर छिड़ेगी 'डिजिटल' जंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 16 Sep 2018 05:59 PM IST
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डिजिटल बनने की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहे भारत की राजनीतिक पार्टियां आगामी लोकसभा की चुनावी जंग बड़े पैमाने पर आभासी दुनिया में लड़ने की तैयारी कर चुकी हैं। इस चुनावी जंग में भाजपा और कांग्रेस के अलावा कई अन्य दलों ने डिजिटल प्लेटफार्म के जरिये डेटा विश्लेषण, संचार के लिए 'वार रूम' तैयार किए हैं। इसके लिए वे हजारों सोशल वॉरियर्स और वॉलंटियरों को प्रशिक्षित भी कर रही हैं।
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सबसे पहले भाजपा ने शुरू किया था 'डिजिटल' वार
भाजपा पहली पार्टी थी जिसने सोशल मीडिया की क्षमता को समझा था और विरोधी पार्टियों को चुनौती देने के लिए संगठन ने डिजिटल क्षेत्र का उपयोग किया था। भाजपा के राष्ट्रीय सूचना एवं तकनीकी प्रभारी अमित मालवीय ने बताया कि इसमें तकरीबन 12 लाख वालंटियर जुड़े हैं और इस संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
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कांग्रेस हर राज्य में बनाएगी 'वार रूम'
वहीं 2014 के चुनावों से सबक सीखते हुए अब 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी दल कांग्रेस ने भी भाजपा की साइबर आर्मी को चुनौती देने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग प्रमुख दिव्या स्पंदना ने बताया कि वह लंबे समय से सोशल मीडिया में पार्टी की उपस्थिति की प्रक्रिया पर काम कर रहीं थीं और हर राज्य में 'वार रूम' बनाया गया है।
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कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग प्रमुख दिव्या स्पंदना का कहना है कि हर प्रदेश में हमारी एक सोशल मीडिया इकाई है और अब हम जिला स्तर पर काम कर हैं। बता दें कि पिछले हफ्ते कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पर एक पोस्ट करके पार्टी के संचार को सुधारने पर लोगों की राय मांगी थी।
आप, माकपा भी ले रहे सोशल मीडिया विश्लेषकों की मदद
आप के सोशल मीडिया विश्लेषक अंकित लाल ने कहा कि वह भाजपा के तरीके से काम नहीं करते हैं, लेकिन उसके पास बड़ी संख्या में स्वयंसेवक हैं। वहीं माकपा के सोशल मीडिया समन्वयक प्रांजल ने कहा कि उनकी पार्टी थोड़ी देर से सोशल मीडिया में आई। वास्तव में 2014 में इसकी जरूरत महसूस की गई और इसे साकार करने की शुरूआत की गई। पिछले दो सालों में हमने बड़े क्षेत्र तक पहुंच बनाई है। (इनपुट : एजेंसी)