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विमानन मंत्री बोले: डिजी यात्रा यात्रियों की इच्छा पर निर्भर, बिना सहमति के एकत्र नहीं किए जा सकते आंकड़े

Sat, 27 Jan 2024 09:37 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 27 Jan 2024 09:37 PM IST
सार

Digi Yatra: घरेलू यात्रियों के लिए डिजी यात्रा अभी तेरह हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। डिजी यात्रा ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हवाई अड्डों पर विभिन्न चेक प्वाइंट पर जरूरी डाटा को डिजिटली सत्यापित (वेरिफाई) करने के लिए चेहरे के बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। 

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Digi Yatra purely voluntary; data can be collected only after passenger's consent: Scindia
चेहरा पहचानने की तकनीक का इस्तेमाल कर यात्री की पहचान करते कर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

डिजी यात्रा को लेकर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि यह पूरी तरह से यात्रियों की इच्छा पर निर्भर है। उन्होंने कहा, हवाई अड्डों पर कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि यात्रियों से सहमति के बाद ही आवेदन के लिए आंकड़े (डाटा) एकत्र करें। 

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ऐसी शिकायतें थीं कि यात्रियों से उनकी सहमति के बिना ही बायोमैट्रिक डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसके बाद राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने इस मुद्दे को विमानन मंत्री के सामने उठाया था। घरेलू यात्रियों के लिए डिजी यात्रा अभी तेरह हवाई अड्डों पर उपलब्ध है। डिजी यात्रा ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें हवाई अड्डों पर विभिन्न चेक प्वाइंट पर जरूरी डाटा को डिजिटली सत्यापित (वेरिफाई) करने के लिए चेहरे के बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल किया जाता है। 

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गोखले के सवाल के जवाब में सिंधिया ने कहा, इस मुद्दे की जांच की गई। हवाई अड्डे के ऑपरेटरों को सलाह दी गई है कि वे डिजी यात्रा की सहमति लेने की प्रक्रिया को संवेदनशील बनाएं। डिजी यात्रा का इस्तेमाल पूरी तरह से यात्रियों की इच्छा पर निर्भर है। 

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मंत्री ने 24 जनवरी को गोखले को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने बताया कि डिजी यात्रा बाधा रहित और परेशानी मुक्त हवाई यात्रा के लिए एक प्रक्रिया है, जो पूरी तरह से स्वैच्छिक है। पत्र में उन्होंने कहा, कियोस्क आधारित पंजीकरण में चेहरे का बायोमेट्रिक लेने से पहले यात्री की सहमति का नियम है। इसके अलावा, उड़ान के प्रस्थान के चौबीस घंटे बाद ही हवाई अड्डे की प्रणाली से डाटा खुद-ब-खुद हट जाता है। सिंधिया ने पत्र की एक प्रति को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भी साझा किया है। 

डिजी यात्रा के लिए यात्री की ओर से दिए डाटा को एन्क्रिप्टेड रखा जाता है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए यात्री को आधार आधारित सत्यापन कराना होगा। इसके अलावा, खुद के द्वारा खींची गई तस्वीर का इस्तेमाल डिजी ऐप पर करना होगा। साथ ही अपना विवरण दर्ज कराना होगा। अगले चरण में बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा और जानकारी को हवाई अड्डे के साथ साझा करना होगा। 

यात्री को सबसे पहले ई-गेट पर बार-कोड वाले बोर्डिंग पास को स्कैन करना होगा। इसके बाद ई-गेट पर लगा फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम यात्री की पहचान करेगा और यात्रा दस्तावेज को मान्य करेगा। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यात्री ई-गेट के जरिए एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकेगा। यात्री को विमान में सवार होने के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन करना होगा। 

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