{"_id":"59095e984f1c1b0b3944106a","slug":"did-meeting-between-sajjan-jindal-and-sharif-spur-border-tension","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"क्या नवाज शरीफ और सज्जन जिंदल की मुलाकात है पाक की बर्बरता का कारण?","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
क्या नवाज शरीफ और सज्जन जिंदल की मुलाकात है पाक की बर्बरता का कारण?
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Wed, 03 May 2017 10:59 AM IST
विज्ञापन
नवाज शरीफ
एक सप्ताह पहले पाक की पीर पंजाल रेंज के पास मुर्री शहर एक रिजॉर्ट में भारतीय बिजनेस टायकून सज्जन जिंदल और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की मुलाकात को बॉर्डर पर भारतीय सैनिकों के साथ की गई बर्बरता से जोड़ कर देखा जा रहा है।
बताया जाता है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री भारतीय बिजनेस जगत के प्रति नर्म हैं और ऐसे में जिंदल से उनका मिलना संयोग नहीं माना जा सकता। साथ ही यह मुलाकात तब हुई, जब पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ की संपत्ति जांच के दायरे में थी। इसके अलावा 'द डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार और सेना के बीच तनातनी की खबरें भी सामने आ गईं थी।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी भारत-पाक के बीच बातचीत होने वाली होती है, उससे ठीक पहले हमले, आतंकी साजिश या ऐसी घटनाएं सामने आती हैं और बातचीत नहीं हो पाती। गौरतलब है कि पिछले साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाहौर दौरे के दो सप्ताह बाद ही पठानकोट हमला हुआ। इसी तरह 199 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 'लाहौर डिक्लेरेशन' साइन करने बाद ही कारगिल युद्ध छिड़ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया जाता है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री भारतीय बिजनेस जगत के प्रति नर्म हैं और ऐसे में जिंदल से उनका मिलना संयोग नहीं माना जा सकता। साथ ही यह मुलाकात तब हुई, जब पनामा पेपर लीक मामले में नवाज शरीफ की संपत्ति जांच के दायरे में थी। इसके अलावा 'द डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार और सेना के बीच तनातनी की खबरें भी सामने आ गईं थी।
विज्ञापन
कई विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी भारत-पाक के बीच बातचीत होने वाली होती है, उससे ठीक पहले हमले, आतंकी साजिश या ऐसी घटनाएं सामने आती हैं और बातचीत नहीं हो पाती। गौरतलब है कि पिछले साल भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाहौर दौरे के दो सप्ताह बाद ही पठानकोट हमला हुआ। इसी तरह 199 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के 'लाहौर डिक्लेरेशन' साइन करने बाद ही कारगिल युद्ध छिड़ गया।
विज्ञापन
Trending Videos
पाक सरकार और सेना में ठनी?
सज्जन जिंदल
विश्लेषक अब्दुल सत्तर खान ने कहा, "हालिया घटनाओं के मद्देनजर, सज्जन जिंदर और नवाज शरीफ की मुलाकात के बाद ही एलओसी पर बीभत्स घटना हुई। दोनों को आपस में जोड़कर देखा जा सकता है।"
विदेश नीति के जानकर कहते हैं कि जिंदल का पाक दौरा पीछे के दरवाजे से दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश हो सकते हैं। हालांकि, पाक के पूर्व रक्षा मंभी ने कहा कि ऐसा विवाद खड़ा करने दुखद है। दोनों देशों को राजनेता इस तरह के विवाद पर अपने विवेकानुसार कदम उठाने के लिए परिवक्व हैं।
वॉशिंगटन में रहने वाले पाकिस्तान विदेश नीति के विशेषज्ञ मोईद युसुफ ने कहा, "इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि लगातार की जा रही जासूसी और दिपक्षीय वार्ता के बीच ऐसी घटना हुई है। पहले यह 'सही वक्ता का इंतजार' कहा जा सकता था।"
विदेश नीति के जानकर कहते हैं कि जिंदल का पाक दौरा पीछे के दरवाजे से दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिश हो सकते हैं। हालांकि, पाक के पूर्व रक्षा मंभी ने कहा कि ऐसा विवाद खड़ा करने दुखद है। दोनों देशों को राजनेता इस तरह के विवाद पर अपने विवेकानुसार कदम उठाने के लिए परिवक्व हैं।
वॉशिंगटन में रहने वाले पाकिस्तान विदेश नीति के विशेषज्ञ मोईद युसुफ ने कहा, "इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि लगातार की जा रही जासूसी और दिपक्षीय वार्ता के बीच ऐसी घटना हुई है। पहले यह 'सही वक्ता का इंतजार' कहा जा सकता था।"