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क्या कमला हैरिस ने भारत को नसीहत दी?: लोकतंत्र पर उनके बयान और उसके हिंदी अनुवाद को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं

Fri, 24 Sep 2021 04:20 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 24 Sep 2021 04:20 PM IST
सार

अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने गुरुवार को वॉशिंगटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद दोनों मीडिया के सामने आए और बयान दिए। कमला हैरिस ने आखिर में लोकतंत्र पर कुछ बातें कहीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगे कि क्या भारत को अमेरिका ने नसीहत दी है? जानिए क्या है इसकी सचाई...

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Did Kamala Harris lecture India on Democracy Social Media discusses her statement and Hindi Interpretation of the same
पीएम मोदी और कमला हैरिस - फोटो : twitter

विस्तार

पहली भारतवंशी अमेरिकी उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास रच चुकीं कमला हैरिस की गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहली मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद दोनों करीब 15 मिनट तक मीडिया के सामने मौजूद थे। कमला हैरिस ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और अपनी बात रखी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने बयान दिया। हालांकि, कमला हैरिस के बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि अमेरिका लोकतंत्र के बारे में भारत को पाठ पढ़ाने या नसीहत देने की कोशिश कर रहा है। आखिर ऐसा क्यों कहा गया, इसके पीछे वजह है वह हिंदी अनुवाद, जिसे लेकर लोग गफलत में पड़ गए। जानिए क्या था कमला हैरिस का बयान और इंटरप्रेटर ने उसे किस तरह लोगों के सामने रखा?
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लोकतंत्र पर क्या बोलीं कमला हैरिस?

लोकतंत्र पर क्या बोलीं कमला हैरिस हैरिस के बयान को हिंदी में कैसे बोलीं इंटरप्रेटर
''जैसे-जैसे दुनियाभर में लोकतंत्र खतरे में आ रहे हैं, यह जरूरी है कि हम अपने देश और दुनिया में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों की रक्षा कर सकें और हम लोकतंत्र को मजबूत करने में जो काम कर रहे हैं, उसे बरकरार रख सकें। यह हमारे देशों के लिए अनिवार्य है कि अपने नागरिकों के हितों के लिए लोकतंत्र की रक्षा करें।'' ''...क्योंकि इस वक्त दुनिया में गणतंत्र खतरे का सामना कर रहा है, हमारे देशों के लिए अति-आवश्यक हो जाता है कि हमारे सामने कितनी ही चुनौतियां क्यों न आएं, हम ये साबित करें कि लोकतंत्र उनकी आवश्यकताएं पूरी कर सकता है और लोकतंत्र को हमें और अधिक सुदृढ़ बनाना है।''

''मैं इस पर चर्चा करना चाहती हूं कि हमारे देश कैसे एकसाथ काम कर सकते हैं और हमारी साझा चिंताओं और चुनौतियों पर सहयोग करते हुए रिश्तों को कैसे मजबूत कर सकते हैं। मैं अपने निजी अनुभव और परिवार के जरिए जानती हूं कि भारत के लोग लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं और वे लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थानों को कैसे मजबूत कर सकते हैं।''
''मैं आपके साथ इस बारे में बात करना चाहूंगी कि किस तरह हम दोनों देश एक साथ इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। किस तरह से हम इन अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। मैं जानती हूं कि भारत के लोग इस बारे में दृढ़ संकल्पित हैं। इसमें हमारे जो उद्देश्य की भावना है, वो बहुत गहरी है। इस गहराई तक जाने और इसे प्राप्त करने पर मुझे गर्व है।''

 
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सोशल मीडिया पर लोग क्या कहने लगे?

सोशल मीडिया पर भी कमला हैरिस के बयान की काफी चर्चा रही। ट्विटर हैंडल @Anand_sachith ने लिखा, "हमारे जुमला मास्टर को लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थानों को बचाने पर छोटा भाषण देने के लिए शुक्रिया कमला हैरिस। शायद उनके दिमाग तक यह बात पहुंचने के लिए एक-दो और ऐसे सत्रों की जरूरत है, क्योंकि लगता है कि लोकतंत्र उनके एनटायर पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस का हिस्सा नहीं रहा।"

उधर ट्विटर यूजर @aayeff1 ने कहा, "कमला हैरिस ने मोदी को सार्वजनिक तौर पर जो नसीहत दी, उस बारे में बोलने के बजाय हमारे मीडिया ने वही दिखाया जो उसे उचित लगा। यह बयान जानबूझकर दिए गए थे। भारत को कभी भी लोकतंत्र पर इस तरह के भाषण नहीं मिले थे।"
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@chandrikal_pate1 ने लिखा, "अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने हिंदू राष्ट्रवादी पीएम नरेंद्र मोदी को लोकतंत्र पर भाषण दे दिया और इसीलिए हमारा अपने लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा करना जरूरी है।"

एक ट्रोल हैंडल @SirKazamJeevi ने कहा, "कमला हैरिस ने लोकतंत्र पर छोटा सा पाठ पढ़ाया और हमारा शख्स सिर्फ सिर हिलाकर मानता रहा कि भारत में लोकतंत्र को खतरा है और इसे ठीक किए जाने की जरूरत है। अगर उनका अंतः करण साफ था, तो उन्हें कहना चाहिए था कि आप हमें क्यों लोकतंत्र चलाने पर भाषण दे रही हैं!"
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