{"_id":"599b0c2c4f1c1bc5648b45d1","slug":"dialogue-not-possible-unless-violence-stops-in-kashmir-valley-sc","type":"story","status":"publish","title_hn":"SC ने लगाई केंद्र सरकार की नीति पर मुहर, कहा- घाटी में हिंसा थमने तक बातचीत संभव नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
SC ने लगाई केंद्र सरकार की नीति पर मुहर, कहा- घाटी में हिंसा थमने तक बातचीत संभव नहीं
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Mon, 21 Aug 2017 10:07 PM IST
विज्ञापन
supreme court
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में तब तक कोई अर्थपूर्ण वार्ता संभव नहीं है जब तक कश्मीर घाटी में हिंसा थम नहीं जाती। चीफ जस्टिस जे एस खेहर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा, ‘किससे बात करें? जब तक हिंसा बंद नहीं हो जाती, कोई वार्ता नहीं हो सकती।’
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट 22 सितंबर के जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ बार एसोसिएशन एक्जीक्यूटिव मेंबर की अपील पर सुनवाई कर रहा है। हाईकोर्ट ने तब बार इकाई उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने यह कहते हुए सुरक्षा बलों के पैलेट गन के इस्तेमाल करने पर रोक लगाने की मांग की थी कि केंद्र ने उनके 26 जुलाई, 2016 के ज्ञापन के अनुरूप एक विशेषज्ञ समिति गठित की है, जो पैलेट गन के विकल्प सुझाएगी।
विज्ञापन
शीष अदालत ने सोमवार को कहा कि मामले को अंजाम तक पहुंचाने को दो तरीके हैं। या तो सभी पक्ष साथ बैठकर मामले का हल निकालें अथवा कोर्ट को इस मामले में फैसला करने दें। कोर्ट ने कहा कि बार एक ‘जिम्मेदार’ और ‘सम्मानित’ संस्था है। उसे कोई हल निकालने में मदद करनी चाहिए। इस मामले पर अंतिम सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी।
विज्ञापन