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स्मार्ट शहर परियोजना की रफ्तार धीमी

Mon, 30 May 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 30 May 2016 12:36 AM IST
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Development speed of smart city project is too slow
स्मार्ट सिटी परियोजना की रफ्तार धीमी

केंद्र सरकार बेशक स्मार्ट शहर परियोजना को जून के आखिर में लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारी प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति से चिंतित हैं। पहले चरण के लिए चुने गए 20 शहरों में से छह में अभी तक प्रोजेक्ट की रीढ़ के तौर पर काम करने वाले स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) का गठन तक नहीं हो सका है। लिहाजा सरकार ने संबंधित शहरों को फंड की पहली किस्त जारी नहीं की है। इससे यहां प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू नहीं हुए हैं।

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दरअसल, बीते फरवरी में स्मार्ट शहर प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए 20 शहरों का चयन किया गया था। उस वक्त पांच शहरों ने अपना एसपीवी गठित कर लिया था। जबकि बाकी 15 शहरों को दो सप्ताह में काम पूरा करना था। एसपीवी गठित होने के बाद ही शहरों को अपने हिस्से की दो-दो सौ करोड़ रुपये मिलेंगे।
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 एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, 25 जून को प्रोजेक्ट लॉन्च होना है लेकिन चुने जाने के तीन माह बाद भी छह शहरों एसपीवी का गठन नहीं कर सके हैं। इनमें से केरल के कोच्चि, तमिलनाडु के चेन्नै व कोयम्बटूर और असम के गुवाहाटी में एसपीवी का गठन विधानसभा चुनाव की वजह से नहीं हो सका।

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स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की रीढ़ है एसपीवी

Development speed of smart city project is too slow
एसपीवी के गठन में देरी का नतीजा - फोटो : PTI

वहीं, दिल्ली के एनडीएमसी एरिया व पंजाब के लुधियाना भी इस मामले में पीछे हैं। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, परियोजना की रफ्तार काफी धीमी है। एसपीवी का गठन नहीं होने से अभी परियोजना का कोई काम शुरू नहीं हुआ है। अगर इस दिशा में शहरों का सहयोग मिला तो भी जमीन पर आने पर 6 महीने का वक्त लग सकता है। 

एसपीवी का गठन कंपनी अधिनियम 2013 के तहत हुआ है। इसमें संबंधित राज्यों व स्थानीय निकाय की 50-50 फीसदी भागीदारी है। वहीं, निजी इक्विटी भी ली जा सकती है। लेकिन इसका नियंत्रण सरकारों के पास रहेगा।

प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की पूरी जिम्मेदारी एसपीवी पर है। यह विभिन्न स्रोतों से संसाधन जुटाने के साथ परियोजनाओं देगी। वहीं, क्रियान्वयन भी एसपीवी को ही करना है।

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