अलर्ट के बावजूद हुए हमले ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल
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जम्मू-कश्मीर के उड़ी स्थित सैन्य मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले ने देश की सुरक्षा तैयारियों की पोल खोल कर रख दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसी हफ्ते राज्यों को अलर्ट जारी कर हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हमले का अंदेशा जता दिया था। हमला उस कश्मीर में हुआ है जहां बीते दो महीने से जारी हिंसा के कारण चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावे किए जा रहे थे। गृह मंत्रालय आधिकारिक तौर पर तो नहीं मगर अनौपचारिक तौर पर इस हमले को सुरक्षा में लापरवाही मान रहा है। इस हमले के बाद गृह मंत्रालय ने रविवार को नए सिरे से अलर्ट जारी किया है। इसमें हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर फिर से आतंकी हमलों का अंदेशा जताया गया है।
गृह मंत्रालय के इसी हफ्ते जारी अलर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि आतंकी हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं। सेना के स्तर पर भी इसी हफ्ते बड़ी संख्या में आतंकियों के घुसपैठ की तैयारी के बारे में सूचना दी गई थी। इसके अलावा कश्मीर में कुछ आतंकियों के घुसपैठ में सफल हो जाने की भी सूचना थी। इसके बावजूद आतंकी उस राज्य में सैन्य मुख्यालय को निशाना बनाने में कामयाब रहे जहां हिंसा के कारण पहले से ही हाई अलर्ट था।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, यह विशुद्ध रूप से अलर्ट को हल्के में लेने के साथ ही सुरक्षा तैयारी में हुई बड़ी चूक का मामला है। खासतौर से जम्मू-कश्मीर में तो बिना किसी अलर्ट के ही सैन्य ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखना होता है। फिर इस समय तो वहां हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। अलर्ट के माध्यम से एहतियात बरतने की सलाह के बावजूद हुए इस हमले से साफ है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।