येचुरी ने पूछा- पीएम ने क्यों नहीं बताया कितना हासिल हुआ कालाधन?
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बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन पर विपक्ष का तीखा हमला जारी है। इस क्रम में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने राष्ट्र के नाम संदेश को प्रचारक का प्रवचन करार दिया है। उन्होंने कहा कि अपने पूरे संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बार भी नहीं बताया कि नोट बंदी के फैसले से कितना कालाधन सामने आया। येचुरी ने आरेप लगाया कि नोटबंदी के फैसले से रोजगार, अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान पर प्रधानमंत्री ने जानबूझ कर चुप्पी साध ली और नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए बजट भाषण की तरह लोकलुभावन घोषणाएं की।
येचुरी ने कहा कि नोटबंदी के फैसले के दिन प्रधानमंत्री के भाषण को सुन कर लगा था कि इस फैसले से कालाधन का छिपना मुश्किल है। हकीकत यह है कि लोगों ने नकदी हासिल करने के लिए 50 दिनों तक मुश्किलें झेली। रोजगार गंवाए। छोटे कारोबारियों पर वज्रपात हुआ। चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 के करीब करीब सारे नोट सरकार के पास वापस आ गए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला अपरिपक्व और बुरी तरह असफल साबित हुआ है। यही कारण है कि पीएम मोदी ने लोगों को इस फैसले से कालाधन के सामने आने के बदले बजट भाषण की तर्ज पर चुनावी रेवड़ियां बांटी।
येचुरी ने कहा कि नोटबंदी के फैसले का गरीबों, मध्यम वर्ग,किसान और छोटे कारोबारियों पर बेहद प्रतिकूल असर पड़ा। रोजगार गंवाने के कारण महानगरों से बड़े संख्या में मजदूर पलायन कर वापस अपने अपने इलाकों में लौट गए। छोटे व्यापारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। फिर जब इस फैसले का अर्थव्यवस्था पर आकलन का अध्ययन होगा तब पता चलेगा कि देश की अर्थव्यवस्था को कितना बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।