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नोटबंदी की रात देश में बिका था 5000 करोड़ का 15 टन सोना
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 08 Dec 2016 08:39 PM IST
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पीएम मोदी के 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के ऐलान के बाद 8 नवंबर की रात को देश भर में करीब 5,000 करोड़ रुपये के 15 टन सोने के आभषूण और बार बिके थे। यह जानकारी इंडिया बुलियन ऐंड जूलर्स एसोसिएशन, आईबीजेए के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने दी। इस एसोशिएशन के तहत देशभर में 2500 ज्वेलर्स पंजीकृत है।
अंग्रेजी अखबार इकनॅामिक टाइम्स से बात करते हुए मेहता ने बताया, 'हमारे एसोसिएशन के एक आकलन के मुताबिक नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर के नोटबंदी के ऐलान के बाद रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 2-3 बजे तक कुल 5,000 करोड़ रुपये का यानी 15 टन सोना बिका था। खास बात यह है कि इनमें से आधी बिक्री दिल्ली, यूपी और पंजाब में हुई थी।'
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अंग्रेजी अखबार इकनॅामिक टाइम्स से बात करते हुए मेहता ने बताया, 'हमारे एसोसिएशन के एक आकलन के मुताबिक नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर के नोटबंदी के ऐलान के बाद रात 8 बजे से अगले दिन सुबह 2-3 बजे तक कुल 5,000 करोड़ रुपये का यानी 15 टन सोना बिका था। खास बात यह है कि इनमें से आधी बिक्री दिल्ली, यूपी और पंजाब में हुई थी।'
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सिर्फ 1000 दुकानों ने पुराने नोटों में बेचा था सोना
मेहता ने बताया कि देशभर में मौजूद 6 लाख ज्वेलर्स में से सिर्फ 1000 ने ही 8 नवंबर की रात पुराने नोटों के बदले सोना बेचा था। उन्होंने कहा कि हमारी संस्था ने सरकार से गैर-कानूनी तरीके से काम करने वाले ज्वलेर्स के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि इन ज्वेलर्स की वजह से पूरी इंडस्ट्री का नाम बदनाम हुआ है।
उन्होंने आगे बताया कि किसी एक दिन में 15 टन की सोने की बिक्री का आकड़ा बहुत बड़ा है। एक दिन में इतनी बड़ी सोने की बिक्री सिर्फ अक्षय-तृतीया और धनतेरस के दिन ही होती है। नोटबंदी का इंडस्ट्री पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में हर साल 800 टन सोने की खपत होती है, लेकिन इस साल नोटबंदी के फैसले पर सोने पर सरकार की बढ़ती सख्ती के चलते 500 टन पर सिमटने के आसार है।
उन्होंने आगे बताया कि किसी एक दिन में 15 टन की सोने की बिक्री का आकड़ा बहुत बड़ा है। एक दिन में इतनी बड़ी सोने की बिक्री सिर्फ अक्षय-तृतीया और धनतेरस के दिन ही होती है। नोटबंदी का इंडस्ट्री पर पड़ने वाले असर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में हर साल 800 टन सोने की खपत होती है, लेकिन इस साल नोटबंदी के फैसले पर सोने पर सरकार की बढ़ती सख्ती के चलते 500 टन पर सिमटने के आसार है।
सोने के दाम में जबरदस्त गिरावट, 6 माह के निचले स्तर पर पहुंचा
सोने में मंगलवार को भी गिरावट जारी रही और यह 250 रुपये फिसलकर 6 माह से अधिक अवधि के निचले स्तर 28,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस गिरावट का कारण वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में आई कमजोरी है।
इसके अलावा नोटबंदी के बाद नकदी संकट के चलते घरेलू हाजिर बाजार में भी मांग में गिरावट आई है, जिसके कारण ज्वेलरों की ओर से लिवाली घट गई है। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कम लिवाली के चलते चांदी भी 100 रुपये टूटकर 41,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
वैश्विक तौर पर सोमवार को न्यूयार्क में सोना 0.60 फीसदी गिरकर 1,170 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 0.06 फीसदी गिरकर 16.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोने की 8 ग्रामी गिन्नी का भाव भी 100 रुपये गिरकर 24,300 रुपये प्रति गिन्नी हो गया। हालांकि चांदी की सप्ताह आधारित डिलीवरी 835 रुपये तेज होकर 41,200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। दूसरी ओर छिटपुट सौदों के कारण चांदी सिक्कों के दाम स्थिर रहे।
इसके अलावा नोटबंदी के बाद नकदी संकट के चलते घरेलू हाजिर बाजार में भी मांग में गिरावट आई है, जिसके कारण ज्वेलरों की ओर से लिवाली घट गई है। औद्योगिक इकाइयों और सिक्का निर्माताओं की ओर से कम लिवाली के चलते चांदी भी 100 रुपये टूटकर 41,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
वैश्विक तौर पर सोमवार को न्यूयार्क में सोना 0.60 फीसदी गिरकर 1,170 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 0.06 फीसदी गिरकर 16.71 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। सोने की 8 ग्रामी गिन्नी का भाव भी 100 रुपये गिरकर 24,300 रुपये प्रति गिन्नी हो गया। हालांकि चांदी की सप्ताह आधारित डिलीवरी 835 रुपये तेज होकर 41,200 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। दूसरी ओर छिटपुट सौदों के कारण चांदी सिक्कों के दाम स्थिर रहे।