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मनमोहन के लूटबंदी बयान पर जेटली का पलटवार, कहा- असली लूट तो 2G और कोलगेट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Nov 2017 05:46 PM IST
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फाइल फोटो
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा नोटबंदी को संगठित लूट और कानूनी डाका करार दिए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि असली लूट तो कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए सरकार के दौरान 2जी घोटाले, कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले और राष्ट्रमंडल घोटाले में हुई थी।
नोटबंदी लागू होने के एक साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने 10 साल के अपने शासनकाल में कुछ नहीं किया। इस दौरान नीतिगत पंगुता (पॉलिसी पैरालिसिस) की स्थिति रही। मनमोहन सिंह को नोटबंदी पर कुछ भी कहने से पहले अपने कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता की आज से तुलना करनी चाहिए थी। हैरानी की बात है कि कांग्रेस काले धन के खिलाफ उठाए गए इस कदम को लूट बता रही है, जबकि असली लूट तो यूपीए के कार्यकाल में हुई थी।
जेटली बोले- नोटबंदी ऐतिहासिक कदम लेकिन हर मर्ज की दवा नहीं जो सबकुछ ठीक कर दे
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मोदी सरकार का नोटबंदी का कदम नैतिक रूप से बिल्कुल दुरुस्त था और जो नैतिक रूप से सही होता है वह राजनीतिक रूप से भी ठीक होता है। लेकिन कांग्रेस को यह समझ में नहीं आएगा क्योंकि उसका असली मकसद एक परिवार की सेवा करना है जबकि भाजपा देश की सेवा कर रही है।
नोटबंदी के फैसले को अभूतपूर्व बताते हुए जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार यह मानती है कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में चली आ रही यथास्थिति को देश की अर्थव्यवस्था और उसके भविष्य के लिए बदलना अनिवार्य था। इसके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रयोग कम हुआ है। टैक्स का आधार बढ़ा है और टैक्स देने वालों की संख्या भी बढ़ी है। नकदी कम होने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा लेकिन ऐसा करना मुश्किल जरूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी हर समस्या का हल नहीं है लेकिन अगर देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाना है तो उसे कम नकदी वाली और साफ-सुथरी व्यवस्था की ओर बढ़ना होगा। एक साल के अनुभव के बाद भाजपा और केंद्र सरकार दृढ़ता के साथ इस फैसले के पीछे खड़ी है।
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नोटबंदी लागू होने के एक साल पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को यहां आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने 10 साल के अपने शासनकाल में कुछ नहीं किया। इस दौरान नीतिगत पंगुता (पॉलिसी पैरालिसिस) की स्थिति रही। मनमोहन सिंह को नोटबंदी पर कुछ भी कहने से पहले अपने कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की विश्वसनीयता की आज से तुलना करनी चाहिए थी। हैरानी की बात है कि कांग्रेस काले धन के खिलाफ उठाए गए इस कदम को लूट बता रही है, जबकि असली लूट तो यूपीए के कार्यकाल में हुई थी।
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जेटली बोले- नोटबंदी ऐतिहासिक कदम लेकिन हर मर्ज की दवा नहीं जो सबकुछ ठीक कर दे
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मोदी सरकार का नोटबंदी का कदम नैतिक रूप से बिल्कुल दुरुस्त था और जो नैतिक रूप से सही होता है वह राजनीतिक रूप से भी ठीक होता है। लेकिन कांग्रेस को यह समझ में नहीं आएगा क्योंकि उसका असली मकसद एक परिवार की सेवा करना है जबकि भाजपा देश की सेवा कर रही है।
नोटबंदी के फैसले को अभूतपूर्व बताते हुए जेटली ने कहा कि केंद्र सरकार यह मानती है कि यूपीए के 10 साल के शासनकाल में चली आ रही यथास्थिति को देश की अर्थव्यवस्था और उसके भविष्य के लिए बदलना अनिवार्य था। इसके सुखद परिणाम भी सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में नकदी का प्रयोग कम हुआ है। टैक्स का आधार बढ़ा है और टैक्स देने वालों की संख्या भी बढ़ी है। नकदी कम होने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा लेकिन ऐसा करना मुश्किल जरूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी हर समस्या का हल नहीं है लेकिन अगर देश को विकसित अर्थव्यवस्था बनाना है तो उसे कम नकदी वाली और साफ-सुथरी व्यवस्था की ओर बढ़ना होगा। एक साल के अनुभव के बाद भाजपा और केंद्र सरकार दृढ़ता के साथ इस फैसले के पीछे खड़ी है।
संगठित लूट और कानूनी डाका है नोटबंदी
मनमोहन सिंह
- फोटो : ANI
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार के नोटबंदी के फैसले को असावधानी से उठाया गया कदम करार देते हुए कहा है कि 500 और 1000 के नोटों को चलन से बाहर करना संगठित लूट और वैधानिक डकैती की तरह था।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर मंगलवार को कारोबारियों और व्यापारियों के साथ चर्चा में सिंह ने कहा कि नोटबंदी का एक भी उद्देश्य को हासिल नहीं किया जा सकता है। नोटबंदी के बाद जीएसटी को लागू करने के लिए सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि इस नए टैक्स के अनुपालन की शर्तें छोटे व्यापारियों के लिए बुरे सपने की तरह साबित हुई हैं।
केंद्र सरकार की मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने की महत्वाकांक्षी योजना की आलोचना करते हुए पूर्व पीएम ने कहा कि यह सिर्फ दिखावे के लिए किया जा रहा है।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर मंगलवार को कारोबारियों और व्यापारियों के साथ चर्चा में सिंह ने कहा कि नोटबंदी का एक भी उद्देश्य को हासिल नहीं किया जा सकता है। नोटबंदी के बाद जीएसटी को लागू करने के लिए सरकार को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि इस नए टैक्स के अनुपालन की शर्तें छोटे व्यापारियों के लिए बुरे सपने की तरह साबित हुई हैं।
केंद्र सरकार की मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने की महत्वाकांक्षी योजना की आलोचना करते हुए पूर्व पीएम ने कहा कि यह सिर्फ दिखावे के लिए किया जा रहा है।