{"_id":"58225a584f1c1bfb02b393ae","slug":"delhi-smog-devise-common-minimum-programme-in-48-hours-sc-tells-centre","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रदूषण पर नहीं लगा लगाम तो बंद करना पड़ेगा पूरी दिल्ली को: सुप्रीम कोर्ट ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
प्रदूषण पर नहीं लगा लगाम तो बंद करना पड़ेगा पूरी दिल्ली को: सुप्रीम कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Wed, 09 Nov 2016 04:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर प्रदूषण पर लगाम नहीं लगाई गई तो पूरी दिल्ली को बंद करना पड़ेगा। शीर्ष अदालत ने कहा कि प्रदूषण का स्तर मनुष्य की सहने की क्षमता से ऊपर चली गई है। इससे मनुष्य के जान को खतरा है। साथ ही अदालत ने इस ओर भी इशारा किया कि वह पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गठबंधन की सरकार बन सकती है कि प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकता।
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पीठ ने कहा कि यह आपदा जैसी स्थिति है। पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि आपके पास इस आपदा से निपटने के लिए नीति होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि आपके पास अलग-अलग प्रदूषण स्तर से निपटने के लिए अलग-अलग नीति होनी चाहिए।
विज्ञापन
उदाहरण के लिए एक स्तर पर प्रदूषण होने से सम-विषम नियम लागू हो, वहीं दूसरे स्तर पर पहुंचने पर निर्माण कार्य बंद हो, इससे अधिक होने पर स्कूल बंद हो। पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से पूछा कि क्या आपके पास ऐसी कोई नीति है। पीठ ने कहा कि आपके पास ऐसी नीति होनी चाहिए, जिसमें स्थिति के हिसाब से बदलाव हो। पीठ ने केंद्र सरकार को विभिन्न स्टेकहोल्डरों की सलाह पर गौर करते हुए नीति बनाने के लिए कहा है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गठबंधन की सरकार बन सकती है कि प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकता।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पीठ ने कहा कि यह आपदा जैसी स्थिति है। पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कहा कि आपके पास इस आपदा से निपटने के लिए नीति होनी चाहिए। पीठ ने कहा कि आपके पास अलग-अलग प्रदूषण स्तर से निपटने के लिए अलग-अलग नीति होनी चाहिए।
विज्ञापन
उदाहरण के लिए एक स्तर पर प्रदूषण होने से सम-विषम नियम लागू हो, वहीं दूसरे स्तर पर पहुंचने पर निर्माण कार्य बंद हो, इससे अधिक होने पर स्कूल बंद हो। पीठ ने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार से पूछा कि क्या आपके पास ऐसी कोई नीति है। पीठ ने कहा कि आपके पास ऐसी नीति होनी चाहिए, जिसमें स्थिति के हिसाब से बदलाव हो। पीठ ने केंद्र सरकार को विभिन्न स्टेकहोल्डरों की सलाह पर गौर करते हुए नीति बनाने के लिए कहा है।
केंद्र सरकार 48 घंटे में पेश करे योजना: सुप्रीम कोर्ट
सॉलिसिटर जनरल ने भी प्रदूषण की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें 48 घंटे का वक्त दिया जाए। उन्होंने कहा कि वह पर्यावरण सचिव व अन्य से बातचीत कर अपना पक्ष रखेंगे। उन्होंने कहा कि बिना योजना केविकास का यह नतीजा है कि दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रिहायशी इलाके में उद्योग और मिक्सड लैंड यूज केकारण भी ऐसी स्थिति हुई है।
सुनवाई केदौरान पीठ ने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गठबंधन की सरकार बन सकती है कि प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकता।
शीर्ष अदालत ने धूल से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में वैक्यूम क्लीनर की खरीदारी न करने पर दिल्ली सरकार की खिंचाई की। वास्तव में सरकार की ओर से बताया गया कि करीब एक हफ्ते पहले 15 वैक्यूम क्लीनर केलिए निविदा जारी की गई है। पीठ ने हमने दिसंबर में आदेश दिया था लेकिन आप तब जागे हैं जब विपत्ति आई। अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।
सुनवाई केदौरान पीठ ने यह भी कहा कि अगर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए गठबंधन की सरकार बन सकती है कि प्रदूषण से निपटने के लिए विभिन्न दलों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम क्यों नहीं हो सकता।
शीर्ष अदालत ने धूल से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में वैक्यूम क्लीनर की खरीदारी न करने पर दिल्ली सरकार की खिंचाई की। वास्तव में सरकार की ओर से बताया गया कि करीब एक हफ्ते पहले 15 वैक्यूम क्लीनर केलिए निविदा जारी की गई है। पीठ ने हमने दिसंबर में आदेश दिया था लेकिन आप तब जागे हैं जब विपत्ति आई। अगली सुनवाई गुरुवार को होगी।